जयपुर की अर्चना की पहली चुदाई

(Jaipur Ki Archana Lund Chudai)

दोस्तो, मेरा नाम धीरज है मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, यह मेरी पहली कहानी है।

हुआ यूँ कि मैं 6 महीने की ट्रेनिंग के लिए जयपुर गया था तो मैंने वहाँ एक कमरा किराये पर ले लिया। घर 4 मंजिल का था तो वहाँ किराये पर 11 लोग रहते थे।

बस 4 घंटे की ट्रेनिंग होती बाकी टाइम मैं घर पर ही रहता था। वहीं पर मेरे कमरे के सामने एक लड़की रहती थी, वो पहले दिन ही मुझे दिख गई थी, जब देखा था तो मुझे लगा कि कुछ नहीं मिलेगा इससे, अभी तो नई जवानी में ही आई है। मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

एक दिन वो अपने कमरे में खड़ी बालों में कंघी कर रही थी, उसने टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके चूचे मैंने देखे तो मैं देखता ही रह गया। 32-28-34। वो सुन्दर थी उसका रंग तो गेहुँआ था पर फिगर एकदम मस्त था। मैं तो बस देखता ही रह गया, वो शरमा गई और दरवाजे के पीछे छुप गई। अब तो मेरा लंड खड़ा हो गया, मैं तो जल्दी से बस बालकोनी की तरफ आया और थोड़ी देर बाद वो भी आ गई पर मुझे खड़ा देखकर ऊपर वाली छत पर जाने लगी।

मैंने भी इधर उधर देखा तो कोई दिखाई नहीं दिया शायद उसकी मम्मी नीचे वाली आंटी के पास गई थी, मैं भी उसके पीछे हो लिया।

वो मुझे देखकर अब भी शरमा रही थी, मैंने भी हिम्मत करके उससे बात करने की सोची और मैंने उससे पूछ ही लिया- तुम शायद आज पढ़ने नहीं गई?

तो उसने भी जवाब में कहा- मुझे आज मम्मी ने रोक लिया है, वो आज मौसी के घर जा रही हैं। तो घर की देखभाल के लिये किसी को रहना चाहिए।

मैंने पूछा- तुम्हारा नाम क्या है?

उसने कहा- अर्चना ! और तुम्हारा?

“मेरा नाम धीरज है !” मैंने कहा- तुम किस क्लास में पढ़ती हो?

वो बोली- मैं सेकेण्ड इयर में हूँ और तुम क्या करते हो? तुम्हारे घर वाले कहाँ हैं?

मैंने उसे अपने बारे में सारी बात बताई, वो बोली- तुम मुझे कंप्यूटर सिखा दोगे?

मुझे भला क्या एतराज हो सकता था, मैंने कह दिया- अगर तुम सीखना चाहती हो तो तुम्हें मेरे कमरे में आना पड़ेगा।

वो बोली- मम्मी से पूछ कर बताती हूँ।

“ठीक है।” मेरा लंड अब तक पूरा तम्बू बना चुका था, मैं नीचे जाने लगा तो वो बोली- तुम खाना कहाँ खाते हो?

मैं बोला- होटल पर !

उसने कहा- तुम किस टाइम मुझे कंप्यूटर सिखाओगे? मैं 2 बजे तो पढ़कर आती हूँ।

मैं बोला- तुम जब कहो, रात में आ जाओ।

वो फिर मुस्कुरा कर चली गई अपने कमरे में, मैं भी अपने कमरे में जाकर अपना लंड को सहलाने लगा और फिर ब्लू फिल्म देखकर लंड का पानी बहा दिया और सो गया।

सुबह को जब मैं जगा तो वो पढ़ने जा चुकी थी। मैं भी अब अपनी कंपनी जाने की तैयारी करने लगा। पूरे दिन उसी के बारे में सोचता रहा और फिर घर आ गया। वो उस टाइम कुछ खा रही थी, मैं सीधा अपने कमरे का ताला खोलकर कमरे में चला गया। थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं बाहर आया तो उसकी मम्मी ने रोक लिया, बोली- अर्चना कह रही थी कि तुम उसे कंप्यूटर सिखा दोगे, वो बहुत जिद्दी है, अगर तुम सिखाना चाहो तो सिखा देना !

मैं बोला- आंटी, मुझे क्या दिक्कत हो सकती है। वैसे भी मैं पूरे दिन बिना काम के ही बैठा रहता हूँ !

फिर क्या, वो भी बाहर आ गई और कहने लगी- क्या मैं अभी अपनी बुक लेकर आ जाऊँ?

मैंने कहा- अगर तुम फ्री हो तो आ जाओ !

फिर वो और उसकी मम्मी दोनों मेरे कमरे में आ गई। उसकी मम्मी मुझे मेरे बारे में पूछने लगी- तुम क्या करते हो? तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

फिर उसकी मम्मी चली गई।

अभी हमारा दरवाजा खुला हुआ था, मैं बंद भी तो नहीं कर सकता था वैसे मैं हरदम अपना दरवाजा हमेशा बंद रखता था।

फिर मैं उससे पूछने लगा- तुम्हें कंप्यूटर में क्या-क्या आता है?

तो वो बोली- बेसिक कर रखा है !

फिर मैं उसे बताने लगा, उसने उस दिन स्कूल वाली ड्रेस पहन रखी थी सलवार-कमीज, तो मैं उसे पूछने लगा- तुमने आज अपने कपड़े क्यों नहीं बदले?

वो बोली- आज शनिवार है, इसीलिए कल तो धोने ही हैं, क्यों कोई परेशानी है?

मैं बोला- नहीं ! वैसे तुम टीशर्ट में अच्छी लगती हो।

वो फिर शरमा गई, मैं उसे बताता रहा पर उस दिन और कुछ नहीं हुआ। फिर मैं शाम को ऊपर जाने लगा तो कुछ देर बाद वो भी आ गई, साथ उसकी मम्मी भी थी। वो मेरे और अपने लिए चाय लेकर आई थी, मैंने उनके साथ चाय पी और बातें करने लगे।

वो बताने लगी कि तुम अर्चना को अच्छे लगे वर्ना यह तो किसी से बात भी नहीं करती है।

मैंने भी कह दिया- आंटी, वो तो आपकी सोच की बात है कि कौन किसको पसंद है।

मैंने पूछा- अर्चना के पिताजी क्या करते हैं?

कहने लगी- न्यूज़ में काम करते हैं पता नहीं कभी रात में ड्यूटी होती है तो कभी बाहर जाना पड़ता है।

फिर हम नीचे चले गए।

रात को मैंने सोचा कि आज तो कुछ न कुछ जरुर कहना है। सोचते सोचते ही नींद आ गई। सुबह को किसी के दरवाजे की खटखटाने की आवाज आई तो मैंने लोअर पहन लिया। आपको बता दूँ कि जब मैं अकेला होता हूँ तो नंगा ही सोता हूँ और सुबह के टाइम लंड का तो बस पूछो ही मत ! आप सभी को पता है।

मेरी आँखों में नींद थी, जल्दी से लोअर पहन कर दरवाजे को खोलने गया तो सामने अर्चना खड़ी थी वो भी टीशर्ट में ! यहाँ तो पहले से ही लंड खड़ा था, ऊपर से उसकी चूची बिल्कुल तनी हुई थी, मैंने उसकी आँखों में देखा तो वो मेरे लोअर को देख रही थी जहाँ लंड का तम्बू बना था।

फिर एकदम से हड़बड़ाकर बोली- च च च चाय देने आई थी !

मैं बोला- अन्दर आओ !

वो बोली- नहीं, मुझे काम है।

मैंने भी कहा- आज तो रविवार है, बाद में कर लेना काम।

उसकी निगाहें अब भी मेरे लोअर पर बार बार टिक जाती थी, मैं उसको और ज्यादा दिखाने की कोशिश में लगा था और लंड तो और जोश में ही आता जा रहा था।

फिर उसकी मम्मी ने उसे आवाज लगा दी- अर्चना !

वो उठाकर जाने लगी, मैं बोला- पहले तो जगा दिया और अब कुछ बात भी नहीं कर रही है?

वो बोली- तुम इतने फ़्रेश हो लो !

फिर तो मुझे अपना काम बनता दिखाई देने लगा, मैं फिर फ्रेश होकर नहा कर लैपटॉप चलाने लगा, वो फिर कमरे में आ गई और बोली- आज खाना होटल से नहीं खाना, मम्मी ने कहा है।

मैं बोला- नहीं, मैं खाना होटल से ही ले आऊंगा।

यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है ।

वो मुँह बनाकर जाने लगी और अपनी मम्मी से कहा तो उसकी मम्मी कमरे से बाहर निकल कर आई और कहने लगी- अगर तुम खाना नहीं खाओगे तो हम तुमसे बात नहीं करेंगे और अर्चना भी तुमसे नहीं पढ़ने आयेगी।

मैंने कहा- ठीक है आंटी, मैं आपके साथ खा लूँगा।

फिर क्या था, थोड़ी देर बाद वो खाना लेकर आई, मैंने कहा- तुम भी मेरे साथ खाओ।

तो कहने लगी- नहीं, तुम खाओ मैं बाद में खा लूँगी।

मैंने कहा- नाराज हो मुझसे?

बोली- नहीं !

वो भी अपना खाना साथ ले आई और खाने लगी, वो कहने लगी- आज तो मुझे पूरे दिन पढ़ाना, मैं आज फ्री हूँ !

मैंने कहा- ठीक है !

फिर हम खाना खाने के बाद उसकी मम्मी आई, बोली- तुम यहीं रहना, आज थोड़ा काम है, मुझे बाहर जाना है।

तो बोली- ठीक है ! मैं तो पूरे दिन आज कंप्यूटर ही सीखूंगी।

“ठीक है।” कहकर उसकी मम्मी चली गई, फिर वो अपने कमरे का काम खत्म करके मेरे पास आ गई।मेरे लिए आज बहुत ही खुशी का दिन था, मुझे कुछ ऐसा लगा कि शायद उसकी मम्मी को पता हो कि आज क्या होने वाला है, वो जानकर हमें छोड़ कर अकेले छोड़ गई हो !

फिर क्या था, जैसे ही वो मेरे कमरे में आई तो मैं लेटा हुआ था, मूवी देखा रहा था। मूवी का नाम था ‘अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों’ वो कहने लगी- कोई अच्छी सी मूवी लगा दो !

मैं हँसने लगा- अच्छी सी कैसी होती है? क्या अच्छा लगता है तुम्हें?

वो कहने लगी- कोई कॉमेडी मूवी लगाओ !

वो बिल्कुल मुझसे सटकर बैठ गई, मेरा लंड उसकी कमर को छू रहा था।

मैंने इंग्लिश मूवी लगा दी ‘मेलेना’

हम देखने लगे, मैंने कहा- आराम से लेट कर देखो !

तो वो मना करने लगी फिर दो मिनट के बाद लेट गई।

पलंग एक था, मैं पीछे की तरफ था वो आगे की तरफ और मेज पर लैपटॉप रखा था तो लैपटॉप उसकी तरफ था और मैंने उसकी तरफ करवट ले रखी थी। हम दोनों के बीच अभी थोड़ा फासला बचा हुआ था पर मेरा लंड था कि जोर जगाने लगा कि उसे पकड़ कर उसकी चूत में डाल दूँ। दोस्तो ‘मेलेना’ फिल्म पूरी ब्लू फिल्म से काम नहीं है, कहानी के टाइप में शुरु होती है। अब गर्म सीन शुरु हो गया, उसके चूतड़ मेरी तरफ थे, वो तो शायद भूल ही चुकी थी कि उसके पास कोई और भी है, और मस्त होकर देखे जा रही थी।

मैंने मौके का फायदा उठाया और लंड को उसके पीछे से कपड़ों पर ही छुआ दिया। वो एकदम सिहर गई, बैठ गई।

और बोली- क्या कर रहे हो?

मैंने कहा- कुछ नहीं ! बस देखती रहो !

फिर वो देखने लगी अब मैंने कोई विरोध ना पाकर उसके चूचों की तरफ हाथ बढ़ाने शुरु कर दिए। वो मेरी तरफ़ देखने लगी पर कहा कुछ नहीं।

फिर क्या था, मैंने उसे पकड़कर उसकी गर्दन पर हाथ से दबाव देकर एक लंबा सा चुम्बन उसके होंठों पर कर दिया। उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया। कुछ देर तक हमें पता ही नहीं चला कि हम कहाँ हैं, फिर मैंने उसकी टीशर्ट को उतारना चाहा तो उसने मुझे रोक दिया और फिर से चूमने लगी। फिर से मैंने उसकी टीशर्ट में हाथ डाल कर उसकी चूचियों को मसलना शुरु कर दिया।

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसकी शर्ट उतार दिया, उसने कुछ नहीं कहा। फिर तो मैंने भी अपने कपड़ों को उतारना शुरू कर दिया। मैं अब केवल अपने अंडरवीयर में था तो उसने मेरे लण्ड का उभार देखा, वो बोली- आज हम कुछ नहीं करेंगे बस इतना ही।

“क्यों इतना ही करेंगे? आज हम पूरा करेंगे !” मैंने उसके कपड़ो को उतरना शुरू कर दिया, वो मना करती रही- मम्मी आने वाली होगी, बहुत दर्द होगा, प्लीज़ आज मत करो ! किसी दिन फिर कर लेना।

मैंने धीरे धीरे पूरे कपड़े उतार दिए सिर्फ़ पेंटी को छोड़कर और उसकी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया। फिर पैंटी के ऊपर से चूमना शुरु कर दिया, उसकी पेंटी के ऊपर से ही चूत पर उंगली चलानी शुरू कर दी। वो बुरी तरह से छटपटाने लगी, अपना हाथ चूत पर ले आई और ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत को रगड़ने लगी, बोली- जल्दी कुछ करो !

मुझे तो सिर्फ़ इसी बात का इंतजार था, उसकी उंगली जो चूत के रस से भीगी हुई थी, मैंने अपने मुँह में लेकर चाट ली। क्या नमकीन पानी था ! अब मेरा भी बिल्कुल देर करने का मन नहीं था, वो बहुत ही सिसकारियाँ भर रही थी।

मैंने उसकी कच्छी को उतारा, उसकी चूत से पानी रिस रहा था, उसकी चूत चिकनी हो गई थी, वो बोल रही थी- प्लीज़ जल्दी से अपना अंदर डाल दो !

अभी मैंने अपना अंडरवीयर नहीं निकाला था कि वो लंड को देख लेती तो चूत पर रखने भी नहीं देती।

मैंने उसकी टाँगों को फैलाया और अपना लंड निकाल कर चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया।

वो बिल्कुल पागल सी हो रही थी, कह रही थी- जल्दी से डाल दो !

मेरा लॅंड अब बिल्कुल तैयार था, मैंने चूत पर लंड सेट किया ओर एक झटका मारा लॅंड एक इंच दो इंच ही गया होगा कि वो चिल्ला पड़ी।

मैंने जल्दी से उसके होंठों पर अपने होंठों को लगा दिया और कुछ देर इसी तरह पड़े रहे। उसके मुँह से दबी हुई चीख निकलती रही। फिर मैंने एक और झटका मारा, उसके चूचों को साथ साथ मसलता रहा। अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए और उसके होठों को छोड़ दिया।

वो बोली- रुक नहीं सकते थे क्या? पता है, मेरी जान निकलते निकलते बची।

मैंने कहा- कोई बात नहीं, अभी और बाकी है।

वो बोली- क्या? अब इतने पर ही झटके लगा लो ! फिर किसी दिन पूरा कर लेंगे।

वो इतना कहते ही एक बार ज़ोर से झर गई। अब उसकी चूत में पानी की वजह से मैंने झटका लगाया तो पूरा लंड अंदर चला गया

वो फिर से बुरी तरह से छटपटाने लगी। यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे हैं।

मैंने कहा- बस हो गया, पूरा अन्दर चला गया है, अब डरने की कोई ज़रूरत नहीं है।

तो उसने राहत की सांस ली। अब मैंने झटकों पर झटके शुरू कर दिए, उसे भी मज़ा आने लगा और चूतड़ उठाने शुरु कर दिए। वो एक बार फिर से झर गई, बोली- अंदर मत निकालना !

मैं बोला- क्योँ?

तो उसने कहा- बस बाहर निकालना !

मेरे भी अब निकलने वाला था तो मैंने कहा- बोलो, तुम मुँह में लोगी क्या?

उसने तुरंत मना कर दिया, बोली- मेरे पेट पर निकाल दो !

मैंने उसकी नहीं सुनी और उसके अंदर ही 8-10 ज़ोर के झटके लगाकर अंदर ही उसकी चूत में निकाल दिया और साथ ही वो भी एक बार फिर से झर गई। मैंने उसे इतनी ज़ोर से जकड़ लिया कि उसकी चीख निकल गई और जब तक एक एक बूँद उसकी चूत में नहीं चली गई, मैंने उसे नहीं छोड़ा फ़िर उसे बाहों में लेकर चूमने लगा।

पर वो जल्दी ही मुझे हटाकर अपनी चूत की तरफ देखने लगी और खून देखकर बोली- ये मेरे अंदर से निकला है ना?

मैंने कहा- हाँ ! अब तुम पूरी लड़की बन गई हो, अब कभी तुम चुदवाओगी तो तुम्हें तकलीफ़ नहीं होगी।

इतना कहकर मैंने उसे चूम लिया, मेरा लण्ड फिर से खड़ा होने लगा तो मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया।

वो बोली- दोबारा तुम्हारे साथ नहीं करूँगी।

मैं बोला- क्यों नहीं करोगी?

तो उसने कहा- जब मैंने तुमसे कहा था कि मेरे अंदर तुम अपना वीर्य मत डालना तो तुमने नहीं माना, अगर मुझे कुछ हो गया तो क्या होगा?

मैंने उसे समझाया- देखो, तुम्हें मज़ा आया या नहीं? बाकी तुम मुझ पर छोड़ दो, तुम्हें कुछ नहीं होगा।

मैंने कहा- मैं तुम्हें गोली लाकर दूँगा, तुम उसे खा लेना तो कुछ नहीं होगा।

तब बहुत देर के बाद उसने दुबारा सेक्स करने को हाँ बोली। फिर हमने एक दौर और किया। फिर वो जाने के लिए बोलने लगी- मम्मी आने वाली होगी।

वो लड़खड़ाने लगी, मैं उसे उसके बाथरूम तक छोड़ कर आया। वो नहाने लगी। अब मैं अपने कमरे में आकर अपने खराब हुए कपड़ों को साफ करने की तैयारी करने लगा।

फिर थोड़ी देर बाद उसकी मम्मी आ गई।

बताना ज़रूर कि कहानी कैसी लगी।


Online porn video at mobile phone


"randi sex story""इंडियन सेक्स स्टोरी""erotic stories hindi""sexy story in hinfi""chudai ki kahani group me""hot sexs""antarvasna big picture"gropsex"chut ki kahani""hindi sex story jija sali""sex hindi kahani""antarvasna gay stories""group sexy story""hindi gay sex story""sexy kahania""hindi sexy srory""devar bhabi sex""desi chudai stories""www hindi sexi story com""indian hot sex stories""sax stori hindi"kamkuta"letest hindi sex story""sexy story wife""mast sex kahani""hindi sax storis""sexy story latest""hot sax story""sex story real""hindi sexy kahania""desi indian sex stories""maa ki chudai ki kahani""हिंदी सेक्स स्टोरीज""new sex stories""indian sexy khani""jija sali sex stories""jabardasti hindi sex story""best sex story""hindi hot sex stories""sexy story in hindi latest""sex photo kahani""bahan ki chut mari"sexstorie"sex with uncle story in hindi""hot sexy story""randi sex story""sex story with images""indian sexchat""chudai pic""chudai story new""hindi me chudai""sexy stroies""latest sex story hindi""bhai behen ki chudai""risto me chudai hindi story""bhai bahan sex"sexstori"very hot sexy story""bahan ki chudai kahani""sixy kahani""chudai khani""hindi sex chats""chudai ki kahaniya""new sex story""hindi sexi satory""sexy stoery""bhabi sex story""meri biwi ki chudai""latest sex story""land bur story""dudh wale ne choda""mausi ko choda""jija sali sex stories""हिंदी सेक्स कहानियाँ""पोर्न स्टोरीज"