पड़ोसन भाभी से सेक्स की कहानी

(Padosan Bhabhi Se Sex Ki Kahani)

हाय दोस्तो.. अन्तर्वासना के प्रिय पाठकों.. चुदक्कड़ लड़कियों, आंटियों और भाभियों को मेरे खड़े लंड का नमस्कार.

मेरा नाम आसिफ है. मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है. मैं जिम जाता हूँ, जिससे शरीर भी कसरती है. मेरे लंड की साइज 7 इंच है.

मैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास खलीलाबाद सिटी का रहने वाला हूँ. मेरे परिवार में अम्मी अब्बू हम दो भाई और एक बहन हैं.

हमारे पड़ोस में एक भइया भाभी हैं और इस कहानी की नायिका यही भाभी जी हैं जिनका नाम आयशा है. भइया किसी कम्पनी में जॉब करते हैं.. जिससे अक्सर ही उन्हें बाहर रहना पड़ता है. इस वजह से भाभी अकेली रहती हैं.

भाभी इतनी हॉट माल हैं कि अगर उन्हें एक बार भी कोई देख ले तो बुड्डे आदमी तक का लंड खड़ा हो जाए. मैंने तो उन्हें जब से देखा है, तब से ही फिदा हूँ और उनके नाम की रोज बेनागा मुठ मारता हूँ. वे दिखने में साउथ फिल्म की हंसिका मोटवानी की तरह लगती हैं. उनकी हाइट 5 फुट 5 इंच की है और कातिलाना फिगर 36-30-38 का है.

उनका हमारे घर से बहुत अच्छा व्यवहार है और हम लोग तकरीबन रोज मिलते हैं. हमारे बीच हंसी मजाक भी चलता था.

एक दिन मैं उनके घर गया, देखा कि उनके घर में कोई नहीं दिख रहा था. मैंने आवाज दी और भाभी को बुलाया, पर उधर से कोई आवाज नहीं आई. मैं आवाज देता हुआ जरा अन्दर को गया तो महसूस हुआ कि उनके बेडरूम से कुछ आवाज आ रही थी.

मैं चुपके से अन्दर गया और देखा कि भाभी के बेडरूम का दरवाजा पूरा बन्द नहीं था. मैं दरवाजे की झिरी से अन्दर झांक कर देखने लगा. अन्दर का नजारा देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं.

अन्दर बिस्तर पर भाभी पूरी तरह नंगी लेटी हुई थीं. वे अपने एक हाथ से अपनी एक चूची को मसल रही थीं और दूसरे हाथ से चूत में लम्बा वाला बैंगन डाल रही थीं. मैं भी वहीं खड़े खड़े लंड बाहर निकाल कर हस्तमैथुन करने लगा और अचानक ध्यान आया तो मैं जेब से मोबाइल निकालकर उनकी वीडियो भी बनाने लगा.

कुछ देर बाद जब भाभी की चुत का पानी निकल गया तो वे एकदम से निढाल सी होकर लेट गईं. तब तक मैंने भी बिना झड़ा लंड पैंट के अन्दर कर लिया और अपने घर वापस आ गया. घर आकर मैंने बाथरूम में जाकर लंड का पानी निकाला और अपने रूम में जाकर भाभी की वीडियो देखा.
मैंने मन ही मन में कहा कि अब भाभी तुमको मैं वीडियो दिखा कर चोदूँगा.

मैं इस घटना के बाद अब उन्हें घूर कर देखने लगा और मेरी इन हरकतों को भाभी ने भी नोटिस कर लिया. मुझे कुछ यूं समझ आया कि भाभी का भी मुझे देखने का नजरिया बदल गया था.

इसी तरह दस दिन बीत गए. एक दिन भाभी के घर गया, उनसे कुछ बातें हुईं.
मैंने हिम्मत करके भाभी से पूछ ही लिया- भाभी भइया घर पर नहीं रहते तो कैसे रहती हो.. क्या आपका मन नहीं करता?
भाभी समझ गईं कि मैं क्या पूछना चाहता हूँ. वे उदास सी होकर बोलीं- करता तो है.. लेकिन क्या करूं बस किसी तरह रह लेती हूँ.. और कर भी क्या लूँगी?
मैंने कहा- भाभी झूठ मत बोलिए आप कुछ तो जरूर करती हो.

उन्होंने मेरी तरफ कुछ सवालिया नजरों से देखा और कहा- क्या करती हूँ? क्या तुमने कुछ देखा है?
मैंने हां में सर हिलाया तो भाभी पूछने लगीं- क्या देखा है?
मैंने मोबाइल में वीडियो चालू करके भाभी को दे दिया. उन्होंने वीडियो देखा तो उनका चेहरा सुर्ख लाल हो गया.

भाभी सकपका कर बोलीं- तू..त..तुम.. कब आए थे?
मैंने कहा- छोड़ो भाभी आप भी प्यासी रहती हो.. उंगली और बैंगन से करती रहती हो.. मैं भी आपके नाम की मुठ मारता रहता हूँ.. क्यों न हम एक दूसरे की प्यास बुझा लें.
भाभी बोलीं कि नहीं.. मैं तुम्हारे साथ कैसे कर सकती हूँ?
मैंने कहा- क्यों नहीं कर सकती हो? लंड और चूत तो एक दूसरे की प्यास बुझाने के लिए ही होते हैं.. और लंड चूत के बीच इसके अलावा न कोई रिश्ता होता है और न ही उनका बिना एक दूसरे के कोई मतलब होता है.

भाभी चुपचाप मुझे देखने लगीं. उनकी आँखों में एक दबी हुई चाहत तो थी लेकिन एक डर भी था. यदि कुछ नहीं था.. तो वो था उनकी तरफ से कोई गुस्सा या नाराजगी.. वो सब नहीं था, जिससे मुझे हिम्मत आ गई और मैं भाभी के पास जाकर बैठ गया.

मैं धीरे से भाभी की एक जांघ हाथ फेरने लगा. भाभी ने मेरे हाथ को पकड़ के हटा दिया. आप इस कहानी को decodr.ru में पढ़ रहे हैं।

मैंने दोबारा हाथ रखा और कहा- भाभी ज्यादा सोचो मत.. बस यूं समझ लो कि आँखें बंद हैं और जो हो रहा है, वो होने दो. आप भी प्यासी हो, मैं भी प्यासा हूँ. हमें एक दूसरे की जरूरत है. मेरा साथ दो.. रोको मत, प्लीज भाभी.. मेरे लंड की प्यास बुझा दो न.
भाभी बोलीं- ठीक है लेकिन अभी नहीं.. रात में आना.
मैं बोला- ठीक है लेकिन अभी एक किस तो दे दो न.
उन्होंने कहा- ठीक है.. ले लो और अभी चले जाओ.. रात को दस बजे आना.. हां और खाना मैं बनाऊँगी, तुम घर से खाकर मत आना.

मैंने भी भाभी को अपनी बांहों में भरा और उनके होंठों को चूम कर चला गया.

मैंने घर जाकर लंड की झाटें साफ की और रात का इंतजार करने लगा. रात 9 बजे मैं अम्मी से कहकर निकला कि दोस्त के घर जा रहा हूँ.. पार्टी है और सुबह तक आऊँगा.

अब मैं बाजार गया.. कुछ देर घूमा और दस बजे भाभी के घर आ गया. भाभी भी डिनर तैयार करके नहा कर मेरे इंतजार में बैठी थीं.

मैं भी उन्हें लाल साड़ी में देखकर कण्ट्रोल नहीं कर पाया और जल्दी से जाकर भाभी को अपनी बांहों में लेकर किस करने लगा.
भाभी हंस कर बोलीं- अभी नहीं.. पहले खाना खा लें, तब करेंगे.
मैंने कहा- ठीक है.. खाना भी हो जाएगा पर थोड़ा रोमांस तो कर लेने दो.. अभी सेक्स थोड़ी कर रहा हूँ.
भाभी बोलीं- अच्छा बाबा जल्दी करो.. मुझे भूख लगी है.

हमारे बीच दस मिनट तक किस चला, फिर हम दोनों डिनर करने बैठ गए. भाभी मुझे अपने हाथ से खिला रही थीं. मैं भाभी को खिला रहा था.

खाने के बाद भाभी बोलीं- तुम रूम में बैठ कर टीवी देखो.. मैं तब तक बरतन समेट दूं.

करीब आधे घंटे के बाद भाभी टीवी वाले हॉल में आईं. दस मिनट बैठकर हम दोनों ने थोड़ी सेक्सी बातें की, फिर मैं भाभी को किस करने लगा.
भाभी- चलो रूम में चलते हैं.
मैं भाभी को उठाकर बेडरूम में ले गया. उनको बेड पर लिटा कर मैं उनके ऊपर चढ़ गया और उनको किस करने लगा.

हम दोनों का ये लम्बा किस 15 मिनट चला होगा. भाभी ने कहा- यही सब करोगे या और कुछ भी होगा?

यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है ।

मैं उनके ऊपर से उठा और भाभी के कपड़े उतार दिए. अब भाभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गयी थीं. मैं भाभी के 36 साइज के बूब दबाने और पीने लगा. भाभी भी गरम होकर मेरे सर को अपनी चूची पर दबाने लगीं, सिसकारी लेने लगीं.

मेरा लंड भी अब लोहे की रॉड की तरह खड़ा हो गया था. मैंने भाभी से अपने कपड़े उतारने को कहा.
वो बोलीं- क्यों तुम नहीं उतार सकते हो?
मैंने कहा- आप ही उतार दो न.

भाभी ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे पूरा नंगा कर दिया. मेरे खड़े लंड को देख कर भाभी बोलीं- ओ माय गॉड.. तुम्हारा तो तुम्हारे भइया से काफी बड़ा और मोटा है.
मैंने कहा- उनका कितना है?
भाभी- उनका तो सिर्फ पांच इंच का है. सच में आज तो तुम्हारी खुरपी से मजा आ जाएगा.
मैंने कहा- हाँ भाभी आज बहुत मजा आएगा.. आपकी क्यारी की पूरी तरह गुड़ाई कर दूंगा.

भाभी ने लंड की तरफ लालसा से देखा तो मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़ कर कहा- लो भाभी चूसो न लंड को.
भाभी मेरे लंड को पकड़ कर कहने लगीं- हां लाओ.. लंड का पानी पीये हुए बहुत दिन हो गए.

मैंने लवड़ा आगे किया तो भाभी ने पहले लंड के सुपारे पर जीभ घुमाई और कहा- बहुत मस्त स्वाद है.
मैंने लंड को तुनकी दी तो भाभी ने पूरा लंड मुँह में ले लिया और मस्त लंड चूसने लगीं. लंड भाभी के गले तक गया तो मेरी मादक सीत्कार निकल गयी- अहाहाहा उम्म्ह… अहह… हय… याह… आ ऊह आहह..

दस मिनट तक भाभी लंड चूसती रहीं. मेरे लंड का पानी निकल गया, लेकिन भाभी ने लंड बाहर नहीं निकाला बल्कि वे मेरे लंड के रस को बड़े चाव से चटखारा लेते हुए पूरा पी गईं.

मैं ज्यादा टाइम नहीं टिक पाया था इसलिए मैं जरा शरमा गया.
भाभी बोलीं- कोई बात नहीं.. पहली बार में सबका जल्दी ही हो जाता है.

भाभी ने मेरे लंड को चूस कर फिर से खड़ा कर दिया. भाभी ने अपनी ब्रा उतार दी और मैंने उनकी पैंटी को उतार दिया. भाभी की चूत देख कर तो मैं देखता ही रह गया.
भाभी बोलीं- क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- भाभी ये इतनी खूबसूरत होती है… तभी तो सारी दुनिया के मर्द इसके पीछे पड़े रहते हैं.

भाभी की चूत क्या मस्त थी, पावरोटी की तरह फूली हुई थी. मैं तो खुद को कंट्रोल ही नहीं कर पाया और भाभी की चुत को चूमने लगा.
भाभी बोलीं- रुको एक मिनट.
इतना कह कर भाभी बेड पर लेट गयी फिर रंडी की तरह पैर फैलाकर भाभी बोलीं- अब चाटो न मेरी चूत..

मैंने उनके दोनों पैरों को फैलाकर चुत को सूंघा तो उनकी चूत से एकदम मदहोश कर देने वाली खुशबू आ रही थी. भाभी की चूत पूरी गीली हो गयी थी. मैं चुत चाटने लगा, जिससे भाभी की आह निकल गयी.
भाभी- तुम तो मुझे पागल कर दोगे मेरे चोदू देवर.. उम्म आह आय याह चाटो मेरी बुर को.. आह्ह हाह यस्स बहुत अच्छा चाटते हो.. मेरी फाड़ दो देवर राजा.. आह्ह फाड़ दो साली ये चूत मुझे बहुत परेशान करती है.. रात में बिना उंगली किये सोने नहीं देती है साली..

मैं बस उनकी रस भरी चुत को चाटने में लगा था.
भाभी- आह.. यस देवर जी.. फाड़ दे साले.. मेरी चूत को.. हाँ और चाटो कुत्ते.. साले पूरी चूत खा जाओ.. आह.. यस हाहहह उंउउम याहह यस करते रहो.. बस मैं आ रही हूँ.
इतना कह कर भाभी झड़ने लगीं- आह.. चूस लो सारा रस.. आ ई.. गई..

भाभी तेज आवाज के साथ कमर उठा उठा कर झड़ने लगीं. भाभी ने अपनी चुत के पानी से मेरा पूरा चेहरा भिगो दिया. मैंने भी उनकी चूत को चाट कर पूरा साफ कर दिया. पूरा रस साफ़ करने के बाद भी मैं भाभी की चूत को चाटता रहा.
इससे भाभी फिर गरमा गईं और बोलीं- आह मेरे चोदू देवर राजा.. अब और न तड़पाओ.. जल्दी से मेरी चूत में अपना कीला गाड़ दो और फाड़ दो मेरी चूत..

मैं भाभी के ऊपर आ गया, मुझसे भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था. मैं अपना लंड चूत पर रखकर रगड़ने लगा तो भाभी बोलीं- क्यों तड़पा रहा है कुत्ते.. मादरचोद.. मार डालेगा क्या.. चोद मुझे साले कुत्ते.
भाभी अपनी गांड उठा उठाकर लंड लेने की पूरी कोशिश कर रही थीं. मैंने भी एक ही झटके में पूरा लंड डाल दिया.

भाभी कई दिनों से चुदी नहीं थीं. इसलिए मेरे तेज हमले से उनकी आह निकल गई- आह मार दिया साले मादरचोद.. आह हम्म मादरचोद अपने बाप का माल समझा है.. जो रंडी बना के चोद रहा है.. धीरे पेल हरामी..

मैंने उनकी कोई बात को नहीं सुना और धीरे धीरे चोदता रहा. थोड़ी देर देर बाद भाभी साथ देने लगीं. अब मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और पूरी ताकत से चोदने लगा.
भाभी सिसकारी लेने लगीं- आह याहह यस्सस आहहह चोदते रहो.. मेरे चोदू देवर.. फाड़ दो अपनी भाभी को आहहहह.. साले पहले क्यों नहीं चोदा इतनी देर क्यों कर दी..
मैं भी लंड की ठोकर देते हुए कहा- यस्सस.. ले साली रंडी.. हां ले तूने बहुत तड़पाया मुझे.
“यस चोद दे.. आहह. हहहय उउउउ आअअअ याह.. और चोद यस…”

दस मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद मैं रुक गया. भाभी गांड उचका कर बोलीं- क्या हुआ?
मैं लंड निकाल कर भाभी के बाजू में चित लेट गया. भाभी भी समझ गईं. इस वक्त वे पूरे शवाब पे थीं. भाभी झट से उठीं और मेरी कमर के दोनों तरफ पैर करके चूत के छेद को लंड पर रखकर एक जोरदार झटके के साथ बैठ गईं. एक ही बार में पूरा अन्दर चला गया.

भाभी ‘आह याह यस्सस..’ करते हुए चुदने लगीं. वे मेरे सीने पर चूची रगड़ते हुए बोलीं- तुम्हारा लंड बहुत मस्त है.. मेरी चूत में एकदम फिट बैठता है.
मैं उनको छेड़ा- क्यों भइया का कैसा है?
भाभी- अरे उस भड़ुए की बात मत करो.. भैन के लौड़े का छोटा सा लंड है.. पांच मिनट में ही ‘पुच पुच..’ करके सो जाता है. शायद इसी लिए तो अभी कोई बच्चा नहीं हो पाया.. साला नामर्द है.
मैंने बोला- टेंशन मत लो भाभी.. अब आपको बच्चा भी हो जाएगा.
“हाँ तुम चोदोगे तो बच्चा हो ही जाएगा.. यस्स जार हचक कर चोदो.”

मैं भी नीचे से ठोकता रहा- ले रंडी मादरचोद.. तेरी माँ को चोदूँ..
“याय यस्स..” करते हुए भाभी अकड़ने लगीं.
मैं उन्हें लंड डाले हुए ही पलट गया और उनके ऊपर आकर उनको चोदने लगा.
भाभी- हाँ यस.. माँ के लौड़े चोद और.. तेज चोद..

मैं भी गालियां देता हुआ भाभी की चुत का भोसड़ा बनाने में लगा था. भाभी अपनी गांड नचा नचा के लंड ले रही थीं- यस्स हरामी.. मादरचोद जोर से पेल.. मेरा निकल रहा है.. हां यस गई ऊंउउउ हाहहह… यस्सस…
ये कहते हुए जोर से भींचते हुए चूतड़ उछाल उछाल कर झड़ने लगीं. मेरा भी होने वाला था.. तो मैं भी बड़बड़ाया- कुतिया छिनाल.. आइ मादरचोदी.. आहहह ईइइइ याययय..

मैं भाभी की चूत में ही झड़ने लगा. भाभी ने अपनी पूरी ताकत से मुझे भींच लिया. इस दमदार चुदाई में भाभी अब तक तीन बार झड़ चुकी थीं. मैंने लगभग आधे घंटे तक भाभी को चोदा होगा.

भाभी बोलीं बहुत देर तक चोदा तुमने.. मजा आ गया.
मैंने कहा- भाभी आपकी चूत का कमाल है.

हम लोग चुपचाप दस मिनट इसी तरह पड़े रहे.. तभी मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और हम दोनों अगले राउड के लिए तैयार हो गए.

उस रात हमने चार बार चुदाई का मजा लिया और सुबह तक मैं नंगा ही लेटा रहा.

सुबह भाभी चाय लेकर रूम में आईं और मुझे जगाकर चाय दी. मैं उठ कर गया मुँह धोकर आया. हम दोनों ने साथ में चाय पी.
मैं बोला- एक राउंड और हो जाए.

भाभी हंस दीं, उनका मन भी था. मैंने सुबह की ताज़ी ऊर्जा के साथ भाभी से सेक्स किया और इसके बाद मैं घर चला आया.

उस दिन के बाद से हम दोनों ने कई बार चुदाई की. भाभी ने मेरे लंड से संतुष्ट होकर अपनी दो सहेलियों को भी मुझसे चुदवाया.

बस तभी से मैं एक कॉलब्वाय हो गया हूँ. अब तो आलम ये है कि रास्ते पर जितनी लड़कियों या औरतों को चलती हैं, उन सबमें मुझे चूत की चुदाई ही नजर आती है.

भाभी की सहेलियों को कैसे चोदा. ये किस्से अगली कहानी में लिखूँगा.

भाभी से सेक्स की कहानी पर आप अपनी राय जरूर देना. आपके अच्छे मेल मिलने के बाद कहानी जरूर लिखूंगा.


Online porn video at mobile phone


"sex story in hindi""kamkuta story""chut me lund""sex stories with pictures""xossip story""hindi story sex""sexy storoes""sex xxx kahani"hindisexystory"mother and son sex stories""sexy story in himdi""bhabhi ki chudai story""sex stories""indian sex storirs""indian sex stories in hindi font""bhai bahan hindi sex story""hindi chudai ki kahaniya""cudai ki kahani""hindi sex stories""pahli chudai""hindi me sexi kahani""hindi sexy kahniya""chuchi ki kahani""hindi sex story.com""bahu ki chudai""सेक्सी हॉट स्टोरी""sex story hindi language""nonveg sex story"mastram.com"jija sali sex story in hindi""jabardasti hindi sex story""chikni choot""xxx story""chudai ki story hindi me""mausi ki bra""didi ki chudai""beti sex story""sex story didi""dost ki didi""chut sex""sapna sex story""सेक्सी लव स्टोरी""sexy stoey in hindi""indian sex stories"hindisexstorieschudaai"hindi font sex stories""hot gandi kahani""hindi sex storie""dirty sex stories""new hindi sex""free sex stories"hindisex"desi hindi sex stories""sexey story""hindi sex stories of bhai behan""hindi sexy storu""neha ki chudai""bhai bhen chudai story""sexi story new""mama ne choda"hotsexstory"hot hindi sex story""hindi sexi satory""risto me chudai""hindi aex story""हिंदी सेक्सी स्टोरीज""हिंदी सेक्स कहानियाँ""bahen ki chudai ki khani""hot sexi story in hindi""bade miya chote miya""hindi sexy storeis""hindi sex stoy""best porn story""hot indian sex stories""beti baap sex story""sexi khaniya""sex storirs"