मेरी रानी की कहानी-4

(Meri Rani Ki Kahani- Part 4)

चाय पीने के बाद मैं चेंज करने अपने कमरे में आ गया। तब तक रानी ने भी चेंज कर लिया था। मैं वापस रानी के रूम में आ गया। थोड़ी देर तक हम एक दूसरे की बांहों में बैठकर टीवी पर कार्टून और मिस्टर बीन देखते रहे। तब तक खाना भी बन गया था और पी जी के बाकी लोग भी वापस आने लगे थे।

हम दोनों ने गर्म गर्म खाना खाया और अपने कमरे में कैद हो गए। मैं बेड पर दीवार की टेक ले कर बैठा था, रानी मेरी गोदी में लेटी हुई थी। रानी मेरी तरफ देखती हुई कुछ सोच रही थी।
मैंने पूछा- क्या सोच रही हो?
वो बोली- आप मुझसे इतना प्यार कैसे कर सकते हो?
मैंने कहा- यह तो कोई खास बात नहीं है। खास बात तो यह है कि तुम हो ही इतनी प्यारी। कोई भी इंसान जो तुम्हारे साथ रहेगा, तुम्हें प्यार ही करेगा। वो प्यार के अलावा तुम्हारे साथ कुछ कर ही नहीं सकता। बहुत खुशकिस्मत होगा वो लड़का जो तुमसे शादी करेगा।

रानी छोटा सा मुंह बना कर बोली- मुझे नहीं करनी किसी और से शादी! मुझे सिर्फ आप के साथ रहना है। आपसे दूर नहीं जाना कहीं.
मैंने कहा- ऐसा कैसे हो सकता है। शादी तो करनी ही पड़ेगी और ये शादी का मतलब ये थोड़ा है कि फिर मैं तुमसे या तुम मुझ से प्यार नहीं करोगी। बस इतना सा फर्क पड़ेगा कि जो प्यार हम अभी करते हैं वो नहीं करेंगे हम। लेकिन दोनों के दिल में तो मीठी यादें और एक दूसरे के लिए प्यार हमेशा ही रहेगा.

वो बोली- फिर आपकी बीवी आपको मेरे से मिलने से रोकेगी तो मैं उसका मुंह तोड़ दूंगा। मुझे ना कहना आप!
मैं बोला- ऐसा होगा ही नहीं। पहली बात तो यह कि जिससे भी मैं शादी करूँगा उसे तू ही पसंद करेगी। हम उसे पहले ही अपने बारे में बता देंगे और स्पष्ट कर देंगे कि कभी हम दोनों के बीच में नहीं आएगी.
वो बोली- हप्प … हमारे प्यार की बातें भी उसको बता दोगे आप?
मैंने कहा- नहीं रे.. ये लम्हे सिर्फ तेरे और मेरे है, तो इसकी बातें कोई और क्यों जाने?
मैंने इतना कहा ही था कि रानी ने मेरे होंठ अपने होंठों की गिरफ्त में ले लिए। काफी देर तक हम चुम्बन करते रहे।

तभी एकदम से रानी रुकी और बोली- हम वापस घर नहीं जाते। कहीं दूर चलते है। किसी को पता नहीं चलेगा और ना ही कोई हमारे बीच में आएगा और न ही हमें कभी अलग होना पड़ेगा। बस आप और मैं!
मैं उसकी बात पर हंस दिया और कहा- अगर मेरे लड्डू को मम्मी की याद आएगी फिर क्या करेगा?
वो बोली- जब मैं आपके साथ होता हूँ तब मुझे किसी की याद नहीं आती।
मैंने कहा- मैं सारा दिन थोड़ा साथ रह पाऊंगा। काम भी तो करना पड़ेगा। अभी तो घरवालों ने पैसे दिए हुए हैं। ये खत्म हो जायेंगे फिर तो कमाना तो पड़ेगा ना!
वो बोली- फिर हम एक अकैडमी खोल लेंगे। मैं छोटे बच्चों को पढ़ाऊंगी आप बड़े बच्चों को पढ़ाना। ऐसे हम हमेशा साथ ही रहेंगे। फिर मुझे किसी की याद नहीं आएगी और आपको मैं किसी की याद आने नहीं दूंगा.

मैंने मुस्कुरा कर उसे जोर से हग कर लिया। तब मुझे क्या पता था एक दिन यही लड़की मुझे जिंदगी भर की याद देकर मुझ से दूर चली जायेगी।

हम फिर से एक दूसरे में खो गए, हम दोनों के होंठ आपस में जुड़ गए। मेरे हाथ उसके चेहरे और गालों को पकड़े हुए थे। उसके हाथ मेरी कमर पर थे। हमारे चुम्बन में प्यार का स्तर वासना से कहीं ज्यादा था। हम बस एक दूसरे को जी रहे थे, हमारी साँसें तेज और गर्म हो चली थी। कभी वो मेरी जुबान को चूसती कभी मैं उसकी जुबान को। उसने मुझे कस के पकड़ा हुआ था।

होंठों को छोड़कर अब मैं गर्दन पर आ गया, मैं उसके कान की बालियों के नीचे चूसने और काटने लगा। रानी जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी। ये उसका सबसे उत्तेजक पॉइंट था। वो सिहरने लगी थी। मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और खुद उस के ऊपर आ गया।
मैं हौले हौले से उसे चूम रहा था कभी होंठों पर, कभी ठोड़ी पर, कभी माथे पर तो कभी गालों पर, उसके चेहरे का कोई हिस्सा मैंने नहीं छोड़ा जहाँ मैंने उसे प्यार ना किया हो।

मैंने धीरे से उससे कहा- मैं तुम्हें कितना चाहता हूँ, यह मैं शब्दों में नहीं बता सकता, लेकिन मेरा ईमान जानता है कि अगर बेपनाह मोहब्बत अगर किसी से मैंने की है तो वो तुम हो।
वो बोली- आज कुछ मत बोलो। आज की रात सोना नहीं है। बस मुझे प्यार करो आप। रुकना नहीं एक पल के लिए भी!

मैंने हौले से उसकी शर्ट निकाल दी। उसने नीचे ब्रा नहीं डाली हुई थी। दिल एकदम खुश हो गया। मैं समझ गया कि आज मेरी रानी खुद को पूरी तरह से मुझे सौंपना चाहती है। उसके बूब्स ताजमहल के स्तूप की तरह तने हुए थे। मैंने उन्हें हल्के से छुआ, प्यार से सहलाया। एकदम नर्म नर्म, गर्म गर्म … मैंने दोनों बूब्स को बारी बारी से किस किया। फिर मैंने रानी के पूरे पेट पर चुम्बनों की बौछार कर दी। बीच बीच में मैं उसे हल्के हल्के होंठों से काट भी लेता था।

रानी के हाथ मेरे सर पर चल रहे थे। वो मेरे बालों में लगातार उंगलियां फिरा रही थी। मैं फिर से ऊपर बूब्स पर आ गया। एक को चूसता तो दूसरे को हाथ से मसलता। मैंने कई जगहों पर उसे लव बाईट भी कर दिए।

अब मैंने अपनी शर्ट और बनियान भी उतार दी। वो अधखुली आंखों से मुझे देख रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे उसने नशा कर रखा हो।

मैंने उसे पेट के बल लिटा दिया और उसे उंगलियों की छुअन से गुदगुदी करने लगा। वो कांपने लगी, मेरा हाथ पकड़ने की कोशिश करती। मैं उसके ऊपर लेट गया, उसके बालों को ऊपर उठा कर गर्दन के पिछले हिस्से पर चूमने लगा। फिर वहाँ से पूरी कमर पर मैंने अपने प्यार की निशानियां छोड़ी। एक हाथ से मैं उसके स्तनों को भी मसल रहा था।

यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है ।

मैंने अपना पायजामा और अंडरवियर उतार दिया। फिर धीरे धीरे से उस का पायजामा थोड़ा सा नीचे सरकाता और अनावृत्त हिस्से पर अपने होंठों की छाप लगा देता, ऐसे करते करते मैंने उसका पायजामा पूरा उतार कर फेंक दिया। उसने पैन्टी भी नहीं पहनी हुई थी।

मैं उसके ऊपर लेट गया। वो किसी शांत शिशु की तरह आँखें बंद किये हुए मेरे शरीर की गर्मी का अहसास ले रही थी। उसकी साँसें तेज चल रही थी और साँसों की वजह से मैं ऊपर नीचे हो रहा था। मेरा पप्पू उसके कूल्हों के बीच में घुसने की कोशिश कर रहा था।
उसने अपने हाथों से थोड़ी जगह बना कर पप्पू को कूल्हों के बीच में शरण दे दी।

कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे। हम एकदम खामोशी से हमारी जिंदगी के हसीन पलों को जी रहे थे। ऐसा लग रहा था कि सब कुछ ठहर गया है। सब कुक स्लो मोशन में चलता दिख रहा था मुझे।

मैंने रानी से पूछा- क्या सोच रहा है लड्डू?
वो बोली- कुछ नहीं, बस फील कर रही हूँ आपको। आज मैं आपको खूब सारा प्यार करना चाहती हूं.

मैं उससे नीचे उतर गया और पीठ के बल लेट गया, अपने ऊपर मैंने रानी को लेटा लिया। अब पप्पू और पिंकी आमने सामने थे। वो एक दूसरे से बात करना चाहते थे लेकिन शर्मा रहे थे। मैंने कहा- पप्पू को पिंकी से मिलवा दो!
रानी ने अपनी टांगें थोड़ी से खोली और पप्पू को पिंकी के ऊपर लगा दिया और शरारती से लहजे में बोली- पिंकी … दिस इस पप्पू … इसे हेलो बोलो!

मुझे हंसी आ गई और मैंने फिर से रानी के होंठों को अपने होंठों से पकड़ लिया। पप्पू भी पिंकी से गुपचुप कर रहा था। आज रानी की पिंकी बिल्कुल क्लीन शेव थी। हम दोनों को बहुत आनन्द आ रहा था। ऐसे ही करते करते मैंने पलटी मारी, अब मैं ऊपर था और रानी नीचे। ऊपर मैं रानी को होंठों को चूसे जा रहा था और एक एक करके उसके बूब्स को भी मसल रहा था और नीचे पप्पू पिंकी के होंठों से पर शरारतें कर रहा था।

रानी सिसकार रही थी. कुछ कुछ बोले जा रही थी, उसे होश नहीं था। कभी कहती- आशु आई लव यू … ऐसे ही करते रहो। लव मी मोर!
कभी कहती- मैं पागल हो जाऊंगी। मैं उड़ रही हूँ.
वो मेरे सर में हाथ फिराएं जा रही थी। उसके हाथ, उसकी हरकतें उसकी काबू में नहीं थे।

आप सोच रहे होंगे कि हमने अभी तक सेक्स पूरा क्यों नहीं किया? पप्पू को पिंकी के अंदर क्यों नहीं डाला?
दोस्तो, इसका कारण मैं बात बातों में पहले ही बता चुका हूँ, अब दोबारा से साफ साफ बता देता हूँ।

मैं रानी से बहुत प्यार करता था, उसकी मर्जी के बिना उसके साथ कुछ नहीं करना चाहता था। एक बार बात बातों में रानी ने मुझे सेक्स करने यानि अंदर डालने से मना किया था तो मैंने वादा किया था कि मैं तुम्हारी मर्जी के बिना कभी कुछ नहीं करूँगा।

लेकिन आज वो मौका आ गया था, रानी बिन पानी की मछली के तरह तड़प रही थी, वो बोली- आशु मुझे सेक्स करना है। मुझे इसे पूरा करना है। आज मुझे बीच में मत रोकना!
मैंने सोचा कि अभी इस पर वासना हावी है इसलिए बोल रही है, अभी करना सही नहीं होगा क्योंकि मैं उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता था।

तो मैं ऐसे ही थोड़ी देर और उसे मज़े देता रहा, मैंने पप्पू को अंदर नहीं घुसाया, ऊपर ऊपर सी रगड़ कर उसे फारिग कर दिया। उसके फारिग होने के कुछेक मिनट बाद मैं भी फारिग हो गया।
हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे। हम दोनों की आँखें बंद थी और हम एक दूसरे की साँसों और धड़कनों को महसूस कर रहे थे।

कुछ देर बाद रानी फिर से बोली- मुझे सेक्स करना है।
मैं थोड़ा सा हैरान हुआ। मुझे लगा था कि जैसे ही खुमार उतरेगा ये भूल जाएगी। लेकिन वो तो अब भी तैयार थी।
मैंने फिर से पूछा- क्या तुम सच में चाहती हो?
उसने कहा- हम्म!

उसकी बात सुनकर मुझे खुशी तो हुई लेकिन मुझे डर लग रहा था कि कहीं ये बाद में ये पछताने लगे और मुझसे गुस्सा हो जाये। मुझे उस से दूर होने के ख्याल से ही डर लगता था। इसलिए मैंने एक बार फिर जोर दे कर पूछा- रानी मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता। मुझे इस बात की खुशी है कि तुम अपना सब कुछ मेरे लिए कुर्बान करना चाहती हो, लेकिन मुझे लगता है कि अभी तुम होश में नहीं हो और ये बोल रही हो। मुझे डर है कि कहीं तुम्हें बाद में इस बात के लिए सोचना पड़े।

कहानी जारी रहेगी.


Online porn video at mobile phone


"sexy storis in hindi""chut ki story""sexy storis in hindi""tai ki chudai""sagi behan ko choda"रंडी"baap beti ki chudai"chudai"ladki ki chudai ki kahani""bahan ki chudayi""indian bhabhi sex stories""indian mother son sex stories""bhai behan sex""bhabi ko choda""new chudai hindi story""desi sex hot""real sex stories in hindi""devar bhabhi sex stories"antarvasna1"hot sex stories""sec stories""xossip story""hinde sax stories""sex story mom""indian sex storiez""hot suhagraat""gand chut ki kahani""ma ki chudai""hot sex kahani""hot sex story in hindi""hot sex stories""chodai ki kahani com""sex story.com""hot hindi sex stories"sexstorie"group chudai story""hindi sexy khaniya""punjabi sex story""sexy storis in hindi""chudai mami ki""hindi xxx stories""hindi sex storis""sasur ne choda""desi chudai kahani""sex st""saali ki chudaai""beti ki chudai""hindi sex story with photo""new hindi sexy storys""chudai ki real story""hot sex story in hindi""kuwari chut ki chudai""kamukata sexy story""sexy hindi sex""sexy storu""hot kahani new""chudai ki katha""www hindi hot story com""sexy gand""mother son sex story in hindi""sasur bahu sex story""all chudai story""simran sex story"sexstories"new sexy storis""chut ki kahani photo""desi sex story""induan sex stories""chudai ki kahani hindi me""hindi sexy storiea"