मामी का दुःख दूर किया

(Mami Ka Dukh Door Kiya)

प्रेषक : जावेद

नमस्ते दोस्तो, मैं decodr.ru का नियमित पाठक हूँ। अन्तर्वा सना पर इतनी कहानियाँ पढ़ने के बाद आज मैं अपनी कहानी आप लोगों के बीच ला रहा हूँ।

मैं दिल्ली का रहने वाला 29 साल का युवक हूँ, जिम जाने की वजह से सेहत काफ़ी अच्छी है, आँखें गहरे भूरे रंग की हैं और रंग गोरा है। मेरा अपना एड्वर्टाइज़िंग का काम है जिसकी वजह से मुझे कई बार दूसरे शहरों में जाना पड़ता है।

खैर मैं पटना पहुँचा, वहाँ मैंने पहले होटल लिया फिर अपने क्लाइंट से मिलकर काम ख़त्म किया, सब सही समय पर हो गया तो काम एक ही दिन में ख़त्म हो गया।

अब मैं फ्री था तो सोचा कि क्यों न कुछ शॉपिंग कर लूँ तो पटना की मशहूर मार्केट हतुआ मार्केट से अपने घर वालों के लिए कुछ उपहार लेने के लिए मैं वहाँ पहुँचा। वहाँ से मैंने कुछ ना कुछ सबके लिए खरीद लिया। फिर मम्मी के लिए एक साड़ी लेने के इरादे से मैं वहाँ की मशहूर दुकान दीपकला में पहुँचा।

मैं साड़ी पसंद कर ही रहा था, तभी पीछे से आवाज़ आई ‘जावेद ! जावेद !’

मैंने हैरानी से पीछे देखा तो मेरी मामी शबनम खड़ी हैं और मुझे घूर रही हैं।

मैंने उन्हें सलाम किया तो उन्होंने जवाब देकर पूछा- कितने दिनों से हो पटना में?

मैंने कहा- आज दूसरा दिन है !

“कहाँ ठहरे हो?”

मैंने कहा- होटल में !

तो वो मुझे डाँटते हुए बोली- क्यूँ? अपना घर होते हुए होटल क्यूँ… क्या हमारे घर में नहीं रुक सकते थे?

मैंने कहा- मामी मैं कुछ जरूरी काम से आया था, इसलिए होटल में ठहरा था, अब काम ख़त्म हो गया तो आज मैं सबसे मिल कर कल वापिस दिल्ली के रवाना हो जाऊँगा।

तो वो गुस्से से बोली- ठीक है, सबसे मिल लो हमें छोड़कर…

मैंने कहा- ऐसा हो सकता है कि आपसे बिना मिले मैं चला जाऊँ…

तो वो बोली- ठीक है, आज अपना सामान लेकर शाम तक जरूर घर आ जाना और चाहे तो 1-2 दिन रूक जाना नहीं तो कल चले जाना !

मैंने उनको रात के खाने पर आने का वायदा किया और चल दिया।

मैं आपको बता दूँ कि मेरी शबनम मामी से काफ़ी अच्छी पटती हैं क्यूंकि एक तो वो मामी हैं जिनसे मज़ाक का रिश्ता होता है और दूसरा वो मेरे से सिर्फ़ तीन साल बड़ी हैं उनकी शादी में मैंने ही देवर की भूमिका अदा की थी क्यूँकि मेरे मामा इकलौते हैं और उनसे छोटा कोई और है भी नहीं… मैं उनकी शादी में 10 दिन रहा था और मामी से खूब मज़ाक किया करता था। वैसे मामी हैं भी बहुत खूबसूरत, बड़ी बड़ी आँखें गोरा रंग 36-24-32 की फिगर और सबसे अच्छी बात उनका व्यवहार…

खैर मैं खास रिश्तेदारों के घर गया, सिर्फ़ चाय नाश्ता किया, सबने बहुत रोका पर मैं कही नहीं रुका, करीब 7:30 पर अपने होटल पहुँच कर चेक आउट किया और सीधा मामा के घर पहुँच गया।

मैंने घण्टी बजाई तो मामी ने दरवाज़ा खोला, जैसे ही दरवाज़ा खुला मैं मामी को देखता ही रह गया, उन्होंने नेट की लाल रंग की नाइटी पहनी हुई थी, लाल रंग की लिपस्टिक लगा रखी थी, आँखों में काजल लगाया हुआ था और बाल खोले हुए थे।

मैं उन्हें बस देखता ही रह गया।

एकदम से मामी की आवाज़ आई तो मैं होश में आया- अंदर नहीं आना क्या? यहीं खड़े रहोगे?

मैं एकदम हड़बड़ा गया और अंदर दाखिल हो गया। अंदर जाकर मैंने देखा कि घर का नक्शा ही पलटा हुआ है… मखमली कालीन ज़मीन पर बिछी हुई है, आलीशान झूमर लगा हुआ है, घर में ए.सी बड़ा फ़्रिज और आराम का सारा सामान है। पहले मेरे मामा यह सब कुछ खरीद सकने की हालत में नहीं हुआ करते थे पर आज यह मकान कुछ और ही दास्तान बयान कर रहा था।

खैर मैंने अपना सामान गेस्ट रूम में रखा और फ्रेश होने बाथरूम में गया और फिर आकर हॉल में बैठ गया।

मामी आज कुछ ज़्यादा ही सेक्सी लग रही थी, मैं उन्हें देखकर पागल सा हो रहा था, उनके गोरे गोरे मम्मे आधे ढके आधे खुले मुझे काफ़ी परेशान कर रहे थे, मेरा 7″ का लण्ड हुंकारे मार रहा था।

मैंने मामी से पूछा- मामा कहाँ हैं?

तो वो बहुत ज़ोर हंसी और बोली- तुम्हें नहीं पता? वो तो तीन साल पहले ही न्यूयोर्क चले गये, कंपनी ने उन्हें प्रमोट करके वहाँ शिफ्ट कर दिया है, साल में एक महीने के लिए आते हैं, अगले साल मुझे भी अपने साथ ले जाएँगे…

मैंने हंसते हुए कहा- तभी ये ठाट हैं ! क्या बात है मेरी अमेरिकन मामी की !

वो मेरी बात सुनकर हंसने लगी और बोली- ज्यादा बातें ना बनाओ, चलो खाना खाते हैं।

उन्होंने सारी चीज़ें मेरी पसंद की बनाई थी, वो मेरी पसंद-नापसंद अच्छी तरह जानती थी।

हमने खाना खाया फिर हाल में आकर बैठ गये। मामी ने मेरे लिए काफ़ी बनाई और हम टीवी देखने लगे…

मैंने मौका देखकर मामी से कहा- मामी, आप काफ़ी सुंदर हो गई हो ! लगता ही नहीं कि आपकी शादी हो गई है।

तो वो शरमा गई और पलट कर मुझसे पूछने लगी- तुम कब शादी कर रहे हो?

मैंने शरमाते हुए जवाब दिया- अगले साल तक !

“कोई लड़की पसंद की?”

मैंने कहा- अभी तक तो नहीं…

उन्होंने पूछा- कैसी लड़की पसंद है तुम्हें?

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मैंने मौका देखते हुए कहा- बिल्कुल आप की तरह…

मेरी बात सुनकर उनकी आँखों में चमक आ गई पर वो उदास हो गई ! मैं डर गया कि कहीं वो बुरा तो नहीं मान गई। खैर मैंने उनसे पूछा- क्या हुआ?

तो वो बोली- कुछ नहीं…

और काफ़ी के कप लेकर रसोई में चली गई और फिर आकर बोली- अब सो जाओ, काफ़ी रात हो गई है।

मैंने कहा- नहीं मुझे नींद नहीं आ रही है, मैं अभी टीवी देखूँगा…

वो भी मेरे पास बैठ गई और हम टीवी देखने लगे। केबल टीवी पर एक इंगलिश होरर फिल्म चल रही थी जिसमें अचानक एक सेक्सी दृश्य आ गया, हीरो और हेरोईन बिल्कुल नंगे थे और हीरो हेरोईन के नंगे दूध चाट रहा था। रिमोट कुछ दूर था मैंने रिमोट लेकर जल्दी से चैनल बदल दिया पर दूसरे चैनेल पर भी एक ब्लू फिल्म चल रही थी जिसमें चुदाई का ही दृश्य चल रहा था। अचानक चुदाई की आवाज़ से पल भर के लिए कमरा गूँज उठा, मैंने टीवी बंद कर दिया।

अब मैं पीछे पलटा तो मामी का चेहरा एकदम लाल हो चुका था और आँखों में आँसू थे। वो एकदम से उठी और अपने कमरे की तरफ भाग गई। मैं भी झेंप चुका था इसलिए उन्हें रोक नहीं पाया…

फिर मैं भी अपने कमरे की तरफ सोने चल दिया पर मुझे अचानक रोने की आवाज़ सुनाई दी जो मामी के कमरे से आ रही थी, मैंने हिम्मत करके उनके कमरे की तरफ बढ़ना शुरू किया।

उनके कमरे का दरवाज़ा खुला था और वो बिस्तर पर उल्टी पड़ी रो रही थी…

मैंने उनके पास गया और दूर से उनसे पूछा- क्या हुआ मामी? आप क्यूँ रो रही हो?

पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मैं बिस्तर पर बैठ गया और उनका हाथ हिला कर पूछने लगा- क्या हुआ? आपको कुछ बुरा लगा क्या?

मेरे छूने से वो सिहर गई और पलटी उनका चेहरे पर अलग ही कशिश थी और मुझे वो आकर्षित कर रही थी, मैंने उन्हें उठाया और फिर उनसे पूछा- क्या हुआ? मुझसे नहीं बोलोगी अपने दिल की बात? आखिर हम दोस्त भी तो हैं…

वो मेरे गले लग गई और ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। उनके दूध मेरी छाती पर लगते ही मैं पागल हो गया और उनको कस कर दबा लिया पर उन्होंने कोई विरोध प्रकट नहीं किया बल्कि मेरे से चिपकी रही।

अब मैं गर्म हो रहा था और बर्दाश्त करना मुश्किल था, मैंने उन्हें सीधा किया और उनके माथे को चूमा तो वो और सिहर गई और फिर चिपक गई और रोते रोते कहने लगी- तुम्हारे मामा एक कामयाब इंसान हैं, उन्होंने मुझे दुनियावी सुख तो दिया, हर ऐश और आराम की चीज़ भी दी, पर वो नहीं दे पाए जो हर औरत का सपना होता है … एक तो वो मेरे से 17 साल बड़े हैं, घर वालों ने उनकी नौकरी और खानदान देखकर मेरी शादी करवा दी। मैंने भी घर वालों के फ़ैसलों को अपनी किस्मत समझा पर पहले ही दिन से वो मुझे औरत का सुख नहीं दे पाए और आज तक मैं अधूरी ज़िंदगी जी रही हूँ… जब तुमने यह कहा कि तुम्हें मुझ जैसी बीवी चाहिए तो मुझे भी तो तुम जैसा ही लड़का चाहिये था जो मुझे प्यार कर सके ! मैं शादी के बाद जब तुम से मिली तो मुझे अपने सपनों में देखे जवान को सामने पाकर बेहद खुशी हुई पर अफ़सोस भी हुआ कि क्यूँ तुम मेरे शौहर नहीं हो पर एक अच्छी तहजीब वाली लड़की की तरह मैंने अपने शौहर की सेवा की पर कुछ हासिल नहीं हुआ, अभी भी वो अमेरिका में हैं, तब भी मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, मैं तो उनके रहते भी अकेली ही थी… वो मुझे आज तक माँ नहीं बना पाए जिससे मैं कितने ताने सुनती हूँ बाँझ होने के ! किसी को क्या पता कि मेरे खाविन्द में मुझे माँ बनाने की क़ाबलियत नहीं है…

और यह बताकर फिर रोने लगी।

मैं समझ गया था कि आज मामी चुद कर ही रहेगी। मैंने उन्हें सीधा किया और कहा- मैं भी आपको बहुत पसंद करता हूँ, जो हो गया भूल जाओ, आज मैं आपको इतना प्यार दूँगा कि आप सब भूल जाओगी !

और यह कहकर मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसना शुरू किया। मामी ने मुझे कस के पकड़ लिया और मेरा साथ देने लगी। हमारी जुबान एक दूसरे की जुबान को चाट रही थी और मेरा लंड हिलौरे मार रहा था। यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे हैं।

मैंने मामी को खड़ा किया और उनकी गर्दन पर बोसे लेना शुरू किया जिससे वो और गर्म होने लगी। फिर धीरे धीरे मैंने उनकी नाइटी उतार दी उन्होंने गुलाबी रंग की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी, उनका संमरमर जैसा सफेद बदन मेरा जोश बढ़ा रहा था।

मैंने उन्हें लिटा दिया और पागलों की तरह उनको चूम रहा था और ब्रा के ऊपर से ही उनके दूध काट रहा था जिससे वो और उत्तेजित हो रही थी। फिर मैंने उनकी ब्रा का हुक खोला तो उनके दूध आज़ाद हो गये !

क्या दूध क्या मस्त थे, बिल्कुल सफेद गोल गोल ! उनके निप्पल हल्के भूरे रंग के थे !

मेरा जोश दोगुना हो गया, मैं उनके दूध दबा दबा कर पीने लगा, वो भी अपने हाथों से अपने दूध मेरे मुँह में डालने लगी और साथ में उनके मुख से मादक आवाज़ें निकल रही थी- उफ़्फ़ म्हआहहह !

फिर मैंने उनकी पेंटी उतार दी, उफ्फ ! क्या चूत थी उनकी ! बिल्कुल चिकनी और एक भी बाल नहीं बिल्कुल गुलाबी अन्छुई चूत थी ! मैंने अपनी जुबान से उसे चाटना शुरू किया तो वो एकदम पागल हो गई और उनकी मादक आवाजों से कमरा गूंज उठा- आअह्ह्ह उफ्फ्फ ! और वो चिल्ला चिल्ला कर बोलने लगी- जावेद, मेरी जान ! और करो ! और ! उफफ्फ आअह्ह और करो उफ्फ्फ्फ़ !

मैं भी कुत्ते की तरह उनकी चूत चाट रहा था और वो भी खूब मज़ा उठा रही थी। फिर उन्होंने मेरे बाल कस के पकड़ लिए, मैं समझ गया कि ये झड़ने वाली हैं, मैं भी चूत चाटता रहा और वो झड़ गई, उनका शरीर ढीला पड़ गया।

“उफ़ जावेद ! मेरी जान ! मज़ा आ गया !” वो हँसते हुए बोली, फिर मुझे पागलों की तरह चूमने लगी और मेरा कच्छा उतार कर अंडरवियर में मेरे तने हुए 7″ लम्बे लंड को देखकर उसे सहलाने लगी और फिर मेरा अंडरवियर उतार दिया।

मेरा लंड एकदम से सीधा तना हुआ उनकी आँखों के सामने था, वो मेरा लंड देखकर पागल हो गई- वाह जावेद, मेरी जान ! क्या हथियार है तुम्हारा ! इसके लिए तो मैं कब से तड़प रही थी ! मेरी बुर कब से एक जवां लंड को तरस रही है ! आज मेरी आग और प्यास दोनों बुझा दो !

कहते हुए मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। अब बारी मेरी थी पागल होने की, वाकयी, क्या चूस रही थी मामी मेरा लौड़ा बिल्कुल किसी अंग्रेजी राण्ड की तरह !

“उफ्फ ! वाह मामी, क्या लौड़ा चूसती हो ! आह्ह्ह… क्या बात है… वाह… और चूसो मेरी कैटरीना कैफ़, अपने सलमान का लौड़ा चूसो ! लो अपनी प्यास बुझाओ ! अआह्ह्ह और चूसो मेरी जान ! वाह उम्मम्ह्ह्हह !

कभी वो मेरा लंड अपनी ज़बान से चाटती तो कभी के बीच ले जा कर हिलाती। मैं पागल हो रहा था और झड़ने को था।

मैंने कहा- मामी, मैं झड़ने वाला पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया और मेरे लंड ने पिचकारी छोड़ दी, वो सारा रस पी गई !

फिर हम दोनों बेड पर लेट गए और वो मेरे लौड़े के साथ खेलने लगी और बोली- जावेद मेरी जान, तुम्हारा हथियार वाकयी में मस्त है बिल्कुल पोर्न फ़िल्म के हीरो जैसा !

मैंने हैरानी से पूछा- तुम्हें कैसे पता मेरी जान?

वो बोली- अकेले में मैं पोर्न फिल्म देखकर अपनी प्यास बुझाती हूँ और अपनी बुर में उंगली डालकर अपने की तसल्ली करती हूँ !

मैंने कहा- तभी तो तुम लंड इतना मस्त चूसती हो… वाह !

तो वो मुस्कुरा कर बोली- हाँ मेरी जान, जब से पोर्न फिल्म में मोटे मोटे लंड देखे हैं, तब से मोटे लंड को चूसने का मन था और चुदवाने का भी ! आज तुम मेरी बुर की प्यास बुझा दो…

मैंने कहा- क्यों नहीं मेरी मामीजान ! आओ मेरे लौड़े को चूसो !

उन्होंने फिर मेरा लंड चूसना शुरू किया तो मेरा लंड फिर तैयार हो गया, मैंने अपनी मामी शबनम सीधा लिटाया, पैर खोल दिए और उसकी कोमल चूत पर अपना 7″ का लंड रखा और बाहर से चूत की फांकों पर अपना लंड रगड़ना शुरू किया तो वो पागल हो गई और कहने लगी- अब मत तड़पाओ मेरी जान ! डाल दो अन्दर ! आअह प्लीज़ डाल दो ! उफ्फ !

मैंने अब अपना लंड उसकी चूत पर रखा और झटका दिया तो मेरा लंड आधा अन्दर चला गया और मामी की चीख निकल गई- आअह्ह अआह्ह्ह !

मैंने जल्दी से अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और उनकी चीख मेरे मुँह में दब गई पर आँखों से आँसू बहने लगे। मैंने मामी को चूम चाटना चालू रखा और कोई हरकत नहीं की, मेरा लंड आधा चूत में था। जब मैंने देखा कि मामी अब बिल्कुल नहीं चीख रही तो मैंने एक और धक्का लगाया और मेरा लंड पूरा अन्दर चला गया। अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किये और मामी को मज़ा आने लगा, अब वो पागलों की तरह मेरी पीठ पर नाख़ून गड़ा रही थी और मेरा कान काट रही थी, कभी मेरे गले पर काट रही थी। अब वो आनन्द के सातवें आसमान पर थी और अपने चूतड़ उठा उठा कर मुझसे चुद रही थी और मादक आवाजों में बोल रही थी- और चोदो मेरी जान ! और चोदो ! आह्ह्ह्हह… मेरी चूत बहुत प्यासी है… उफ्फ्फ… उफ्फ्फ.. और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… बहुत तड़पाया है इसने… उफ्फ्फ… और जोर से… और… उफ्फ्फ… और… अआह्ह्ह…

मैं जोश से मामी को चोदता रहा और वो 3-4 बार झड़ गई। मैं भी झड़ने वाला था, मैंने उन्हें बताया कि मैं झड़ने वाला हूँ तो वो बोली- अपना पानी मेरी चूत में डाल दो, मैं भी माँ बनना चाहती हूँ। आह्ह्ह !

मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में छोड़ दिया, उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और हम दोनों का शरीर ढीला हो गया।

उस रात मैंने मामी को 2 बार और चोदा और उनकी प्यास बुझाई…

आज उनकी एक औलाद भी है जो मेरी ही है… आज भी वो हिन्दुस्तान में ही हैं मैं काम के बहाने हर महीने जाता हूँ और उन्हें चोदता हूँ…

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताना !

आपके मेल का इंतज़ार रहेगा मुझे !



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