बुर की प्यास ने लेस्बियन बना दिया

( Bur Ki Pyas Ne Lesbian Bana Diya)

हैलो दोस्तो, मेरा नाम साहिबा है और मैं राजस्थान की रहने वाली हूँ और बी कॉम कर रही हूँ. मेरा रंग गोरा और फिगर 36-30-36 साइज़ का है.

वैसे तो मैं एकदम सील पैक माल हूँ, पर चुदने की ललक सील तोड़ने में लगी हुई है. वैसे तो मैंने अपने एक्स यार से ओरल मस्ती की हुई है पर बुर की आग ओरल से कहां बुझती है. फिर भी इतनी जल्दी लंड न लेने का मेरा निर्णय अब मेरा ज्यादा साथ नहीं देता है. किसी तरह से अपनी मदमस्त जवानी को काबू किए, आग बुझाने का रास्ता खोजती रहती हूँ कि कोई आए और मेरी बुर को चाट चाट कर बस निहाल कर दे.

मेरी माँ सिंगल मदर हैं और ऑफिस जाती हैं. माँ के ऑफिस चले जाने के बाद किसी और के घर में न होने के कारण मन और अधिक वासना में जल उठता है. ऑफिस में माँ की एक बहुत ही खास सहेली है, राधिका आंटी.. उनकी एक बेटी है जो अभी 18 की हुई है. राधिका आंटी के पति काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं.

एक दिन माँ और उनकी ऑफिस के काम से फ्रेंड्स बाहर जा रही थीं तो राधिका आंटी ने अपनी बेटी काम्या को मेरे घर छोड़ने का सोचा.

शाम को माँ ने काम्या को मेरे साथ रहने का पूछा तो मैंने झट से हाँ कह दी, मुझे तो वैसे भी कोई ऐसा तरीका चाहिए था.. जिससे मेरी आग भी बुझ जाए. लौड़ा भी कुछ वक़्त मेरी लाडो यानि बुर से दूर रहे. इस वक्त काम्या मुझे अपनी बुर की आग बुझाने का सामान सा लग रही थी.

शाम को मेरी माँ काम्या के साथ घर आईं तो उसे देख मेरे अन्दर लगी आग को जैसे बुझाए जाने का जरिया मिल गया.
मैं आपको उसके बारे में बता दूँ, वो अभी 12वीं में थी और उसकी उम्र 18 वर्ष की रही होगी. थोड़ी मोटी होने के कारण उसकी भरी हुई गांड और समय से पहले निकले चूचों को देख के किसी का भी मन उस कच्ची कली को चोद के औरत बनाने का हो जाए.

उसे देख कर मेरा मन हुआ कि उसके चूचों को मुँह में ले लूँ. हाय.. वो एहसास करते ही मेरी बुर में सिहरन सी हो गई.
खैर.. मेरी माँ के आवाज देने पर मैं ख्यालों से बाहर आई. माँ ने 5 दिन बाद आने का कहा और काम्या का ख्याल रखने को कह कर निकल गईं.

माँ को गए देर हो चुकी थी. अब सोचना मुझे था कि कैसे में अपनी आग बुझाऊं. ये सोच कर मैं कमरे में गई, उस वक़्त काम्या नहा रही थी.
तभी उसका फोन बजा. मैंने फोन देखा तो किसी ने आई लव यू का मैसेज भेजा था. वो देख कर मैंने पूरी चैट पढ़ी. वो उसके ट्यूशन के सर का मैसेज था. मतलब काम्या अपने सर के साथ सैट थी जो कि अधेड़ उम्र के थे.

उस चैट को पूरा पढ़ कर पता चला उसके बहुत सारे नंगे फोटोज उसने सर को भेजे हुए थे. मतलब यह तय था कि ये सब उसकी माँ को नहीं पता था.
मेरे दिमाग में एक शैतानी तरीका आया और मैंने बाहर से उसे आवाज लगाई- काम्या, जरा दरवाजा खोलो, मेरा हाथ जल गया है, टूथपेस्ट दे दो.
काम्या- जी दीदी, रुको अभी देती हूँ.

यह कह कर उसने दरवाजा खोला और मैं झट से अन्दर चली गई.
काम्या- दीदी आप अन्दर क्यों आ गईं, मुझे शर्म आ रही है.
मैंने उसके चुचे को दबाते हुए बोला- तुझे नंगी देखना था मेरी जान.
काम्या- क्या कर रही हैं आप.. मैं मम्मी को बता दूंगी.

मैं- अच्छा साली अपने बुड्ढे सर को रोज बुर गांड चुचे सबके दर्शन करवाती है और मुझे कह रही है मम्मी को बता दूंगी, बता कितनी बार लौड़ा घुसावाया है अपनी बुर में..? मैं भी बताती हूँ तेरी माँ को और तू भी जा बता दे, मैं भी तेरे सर के साथ तेरे चक्कर का बता दूंगी. फिर तुझे जो मार पड़ेगी देखना तेरा ट्यूशन भी बन्द और फोन भी खत्म.

काम्या रोने लगी- दीदी नहीं.. मुझे मम्मी पापा मार डालेंगे और मैं अपने सर से बहुत प्यार करती हूँ.. वो भी मुझे प्यार करते हैं. मैं उन्हें नहीं छोड़ सकती, आप जो बोलोगी, वो करूँगी मैं, प्लीज़..
मैंने कहा- ठीक है तो मुझे जो करना है, करने दे, बस साथ दे.
उसकी नीची गर्दन उसकी हाँ का इशारा था.

मैं उसके पास गई और फव्वारा चालू कर दिया. उसके मखमली बदन पर पानी की बूंदें मोती से कम नहीं लग रही थीं. वो बूंदें जब मुझमें ही आग लगा रही थीं तो कोई मर्द देख लेता तो उसका लंड बुर में जाने तो तड़प उठता.आप इस कहानी को decodr.ru में पढ़ रहे हैं।

ऊपर की तरफ थोड़े कम और मोटे चूचों की वजह से हल्के से लटकने का आभास देते हुए उसके गोल गोल बोबे.. उस पर एक जवान औरत की तरह बड़ा सा घेरा बनाए गहरे भूरे रंग के निप्पल.. मानो चूस चूस के उनको वक़्त से पहले बड़ा कर दिया गया हो. हल्के हल्के काले भूरे बाल उसकी बुर को मानो सबकी वासना भरी नजर से उसे बचाने के लिए पहरा दे रहे थे. काले भूरे रंग की मिश्रण के रंग की बुर.. ना गुलाबी, ना काली.. एकदम फूली हुई बुर.. मानो खुल कर साँस ले रही हो.

एक बार को तो यह सोच कर मेरी बुर में सिहरन हो गई थी कि आज मैं इसके चूचों और बुर की मालकिन हूँ. मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि निप्पल मुँह में लू या बुर में मुँह लगा कर रस चूस लूँ.आप इस कहानी को decodr.ru में पढ़ रहे हैं।

मैंने उसे दीवार से लगाया और उसके क़रीब अपना मुँह ले जाकर उसके होंठों पर एक पप्पी दी.
मैं थोड़ा उसको सहज कर देना चाहती थी और थोड़ा गर्म भी, ताकि वो साथ दे.

मैंने उससे पूछा- जान, ये बता कि उस बुड्ढे ने तुझे छुआ है क्या?
पहले तो वो चुप रही.
फिर मैंने थोड़ा चिल्लाते हुए उससे कहा- जवाब दे जो पूछा है.
तो उसने कहा- हाँ, उन्होंने मुझे छुआ है.
मैंने उसके होंठों पे उंगली रखी और पूछा- यहाँ किस किया?
उसने हाँ में सर हिलाया.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और पागलों की तरह चूसने लगी.
वो शुरूआत में साथ नहीं दे रही थी, पर बाद में मुझे पागल बनाने को उसकी हल्की शुरुआत ही काफी थी.
मैंने नीचे होकर उसकी गर्दन पे किस किया.

फिर उसके एक बोबे पे हाथ रखके उससे पूछा- इन्हें चूसा है उसने?
उसका जवाब हाँ था.
फिर नीचे आके उसके एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगी. धीरे धीरे अपना एक हाथ उसके दूसरे बोबे पे ले जाके हल्के हाथ से उसके निप्पल को मसलने लगी. कभी कभी जब जोर से उसका निप्पल चूस लेती या दूसरे हाथ से दबा देती तो, उसके मुँह से निकलने वाली मीठी सी सीत्कार मेरे लिए मधुर संगीत का काम कर रही थी. उसके मुँह से निकलती धीमी सी ‘आहह्ह्ह्ह..’ भी मेरे बुर में गुदगुदी कर रही थी.

मेरा मन कर रहा था कि उसे खा जाऊं, वो इतनी कामुक लग रही थी. मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे कमरे में ले आई. साथ में एक तौलिया लिया और उसे आइने के सामने ले गई. वो मेरी तरफ देख नहीं पा रही थी.

मैंने उससे कहा- मुझसे शर्माने की जरूरत नहीं है, इस वक़्त के मजे लो.. मुझे पता है तुम्हें भी अच्छा लग रहा है.

यह कहने के साथ ही मैं उसे पौंछ रही थी. मैंने उसे पौंछने के साथ साथ उसके बदन पर चुम्बन करना शुरू कर दिए. उसकी कमर को पौंछते हुए उसकी कमर पे ऊपर से नीचे तक उसकी पीठ मेरे जुबान से गीली हो गई थी.
मैं अपनी जीभ उसके पीठ पे फिरा रही थी. मेरा ये काम उसे पागल बना रहा था, वो अब खड़ी नहीं रह पा रही थी.

यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है ।

मैंने उसके गीले बाल एक साइड किए और उसके गर्दन से होते हुए जैसे ही मैंने उसे कान पे किस किया, वो अचानक हट गई और मुझे देखने लगी.
उसका लाल होता चेहरा गवाही दे रहा था कि मेरी ही तरह वो भी अब काम वासना में जल उठी है. वो तेजी से मेरे क़रीब आई और उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. मैं तो कब से यही चाहती थी, मैंने उसका एक हाथ पकड़ा और अपने बोबे पे रख कर दबवाने लगी. मैं चाहती थी कि वो मेरे मम्मों को दबाए, चूसे.

कुछ ही पलों में उसकी वासना इस क़दर बढ़ गई थी कि उसके दाँत अब मेरे कोमल होंठों को काटने लगे थे. वो अपनी जीभ मेरे मुँह में जबरदस्ती घुसा रही थी. मैंने भी उसकी इच्छा का ध्यान रखा और उसकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया. उसका एक हाथ मेरे टॉप के अन्दर जाने की जिद में था. मैंने उसे बेड की तरफ किया और उसे बेड पे धक्का देकर खुद के कपड़े निकालने लगी. मेरे उतरते कपड़ों के साथ उसके धीरज का बाँध खत्म होता जा रहा था और मेरा भी.

वो एकटक मेरी तरफ देख रही थी. जैसे ही मैंने कपड़े निकाले, उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और चूमने लगी.

मैंने उसे तड़पाने का मन बना लिया था. मैंने उसे हटाया और थोड़ा दूर लेट गई.
काम्या ने पूछा- क्या हुआ दी.. आप दूर क्यों चली गईं?
मैं- तू तो मम्मी को बता रही थी, अब क्यों पास बुला रही है?
काम्या- दीदी मुझे माफ़ कर दो पर अब रहा नहीं जा रहा मुझसे.. आज से पहले इतनी वासना कभी महसूस नहीं हुई.. मेरी बुर में आग लगी हुई है.

मेरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया ना देखके वो मेरे पास आई और मेरे मम्मों पे हाथ फिराने लगी. उसकी इस हरकत से एक बार सिहरन सी दौड़ गई.

उसने मेरे एक मम्मे पे धीरे धीरे जीभ फिराना शुरू कर दिया और दूसरा हाथ वो धीरे धीरे मेरी लाडो की तरफ ले जाने लगी, पर मैंने उसे बीच में ही रोक दिया और उसे दूसरी तरफ धक्का देकर उसके ऊपर आ गई. एक हाथ से मैंने उसका मम्मा पकड़ा और एक हाथ मेरा उसके बालों में था.

मैंने उससे कहा- तेरी वासना तो मैं खत्म कर दूँगी मेरी जान.. पर मेरी कुछ शर्तें हैं.
उसने बड़ी ही बेसब्री और मेरे जोर से उसके मम्मे दबाने के कारण दर्द और उत्सुकता से भरी मिश्रित आवाज में बोला- दीदी मैं आपकी सब शर्तें मानने को तैयार हूँ.. आप बताओ बस.
मैं- मेरी पहली शर्त ये है कि आज से तुम मेरी हो.. मैं जब भी तुम्हें बुलाऊँगी.. तुम्हें आना पड़ेगा.. और दूसरी ये मुझसे पूछे बिना तुम खुद को किसी को छूने नहीं दोगी.

बिना सोचे समझे उसने मुझसे सिर्फ मेरी रहने का वादा कर दिया था.

उसने मेरा हाथ अपने बालों से हटाया और बोली- जान, मत तड़पाओ अब, लंड ना सही बुर से बुर की प्यास बुझा दो.

यह कह कर मेरा सर उसने अपने निप्पल पे टिका के दबा दिया. मैंने भी अब उसके निप्पल पे जीभ फेरना शुरू कर दिया. मैं उसके मम्मों को चूस रही थी और बीच बीच में काट लेने पे उसकी ‘आअह्ह्ह..’ जैसी कराह मुझे और करने को उकसा रही थी कि मम्मों को चूसो और काट लो.

मैंने अपना एक हाथ धीरे धीरे उसके पेट पे फेरते हुए उसकी बुर तक ले जाना शुरू कर दिया. उसके निप्पल को चूसते हुए मैंने अपना एक हाथ उसकी बुर को मसलने के काम पे लगा दिया था. उसकी बुर इतनी गर्म थी, जैसे उसे बहुत तेज बुखार हो गया हो. हाँ बुखार ही तो हो गया था वासना का.. मैंने उसकी बुर के दाने पे अपनी उंगली रखी और उसको मसलने लगी. मेरी ये छोटी सी हरकत भी उसे उछलने को मजबूर कर रही थी. जैसे ही मैंने थोड़ा ज्यादा मसल दिया तो लगा कि अभी ही ये वासना से बिखर जाएगी.

अब इस सब काम में मेरी लाडो बुर का भी हाल बुरा हो चला था, जो बिना प्यार के अब बिल्कुल नहीं रुक सकती थी. मैंने अपनी स्थिति थोड़ी बदलने की सोची.

मैंने काम्या से कहा- मैं अपनी बुर तेरे मुँह पे रख रही हूँ और तेरी बुर पे अपना मुँह.. अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा.
यह कह कर मैंने 69 की पोजीशन ली, मेरी बुर का दाना ठीक उसके होंठों पे था और उसका मेरे होंठों पे. उसकी जीभ जब जब मेरे दाने पे आती मानो मेरी जान निकल रही थी. पर ये ऐसी ख़ुशी है, जितनी मिले उतनी कम है.

मेरी जीभ उसकी बुर को सहला रही थी, उसके ऊपर काम का सुरूर इस क़दर था कि वो मुझसे छूटने का भी प्रयास नहीं कर रही थी.

कुछ वक़्त की चटाई से दोनों का पानी एक दूसरे के मुँह में ही निकल गया था.

इस जबरदस्त कामवासना शान्ति के बाद भी दोनों का मन नहीं भरा था. हम दोनों ने एक दूसरे को बाँहों में लिए और होंठों को चूमने लगी. उसने मुझे सीधी लिटाया और मेरे चूचुक को मुँह में लेकर ऐसे खींच खींच के चूसना शुरू कर दिया.. जैसे लंड को मुँह में अन्दर बाहर कर रही हो. मेरा एक हाथ उसका बोबा दबा रहा था.

थोड़ी देर चूसने के बाद मैं उठकर बैठ गई और उसकी टांगों को चौड़ा करके उसकी बुर को एक पल के लिए निहारा और फिर अपना मुँह उसकी बुर पे लगा दिया. उसके मुँह से निकली ‘शह्हह..’ के साथ मेरी आग बढ़ती जा रही थी.

मेरी जीभ उसके दाने से ले के उसके गांड के छेद तक लगातार घूम रही थी और वो मचल रही थी. उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था.

ये उसके बार बार ‘आई लव यू..’ बोले जाने से मालूम चल रहा था. उसकी वासना की चाशनी में डूबी ‘आअह्ह्ह इस्सस्स ह्ह्ह..’ इस बात का सबूत भी थी.

उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने चुचे पे ले जा कर बोली- प्लीज़ दीदी, दबाओ इन्हें.. मेरा बहुत मन करता है कि बस इन्हें दबवाती रहूँ.

मैंने भी उसकी बात को मानते हुए उसके चुचों को दबाना शुरू कर दिया.

उधर उसकी बुर से मैंने अपना मुँह हटाया और उसकी बुर को एक हाथ से खोल कर दूसरे से रगड़ना शुरू कर दिया और साथ में चूसती भी जा रही थी. मेरी ये हरकत उसे पागल बना रही थी, वो चिल्लाए जा रही थी.
उसकी बुर पानी निकाल रही थी, उसके तड़पने के बावजूद मैंने उसे नहीं छोड़ा. उसकी बुर चाटती रही. जब उससे सहन नहीं हुआ तो उसने बड़ी ताकत से मुझे हटा दिया. उसके हटने के बाद मैंने उसे पकड़ा और उसका एक हाथ मेरे चुचे पे रख कर उसके बाल पकड़ कर उसका मुँह मेरी बुर पे ले लिया और उसे चाटने को कहा.

काम्या ने भी मेरी बुर को चाट कर मेरा रस निकाल दिया, हम दोनों कुछ समय के लिए संतुष्ट हो गए थे.
आहह्ह्ह्ह… वो एहसास भुलाये नहीं भूलता.. अभी भी लिखते वक़्त मेरी बुर गीली हो उठी है.

उस दिन बाद से काम्या मेरी और मैं उसकी जान हो गए हैं. हम दोनों मौका मिलते ही पूरी मस्ती से लेस्बियन सेक्स करती हैं.

आपको मेरी लेस्बियन सेक्स कहानी कैसी लगी.. बताइएगा जरूर… अगली बार मुलाकात दूसरी कहानी के साथ होगी.

 



"sex khani"www.chodan.com"bhabi ko choda""new hindi sexy storys""maa beti ki chudai""mil sex stories""hindi sex.story""hindi sex khanya""sey stories"www.antarvashna.com"new sex kahani com""kamukta com hindi kahani""sex st""chut me land""hindi story sex""aunty ki chut story""sex kahani photo ke sath""sexy hindi sex story""new hot sexy story""saxy kahni""punjabi sex stories""beti ko choda""bhai behan sex""maa bete ki sex kahani"hindisexstory"hindi sexy storirs""lund bur kahani""www hindi sexi story com""sexy story in hindi language""baap beti ki sexy kahani hindi mai""chudai meaning""chudai ki khaniya""hot sex stories""hindi sex estore""kahani porn""hindi sexy khaniya""sex hot story""indian sex syories""indian sex hot""sex storiea""school girl sex story""indian aunty sex stories""tai ki chudai""hindi sex chat story""devar bhabhi sex stories""boobs sucking stories""tailor sex stories""chodan. com""sexy story mom""hindi sex tori""long hindi sex story""baap aur beti ki chudai""beti sex story""sexy aunty kahani""group chudai""hindi sexy story hindi sexy story""भाभी की चुदाई""indin sex stories""antarvasna mobile""new hindi sex story""choti bahan ko choda""sexy gand""free sex stories"mastaram"lund bur kahani""hot hindi sex stories""randi chudai ki kahani""hot sex story in hindi""sexy story in hindi new""sexi khani com""sexy story kahani""bhabhi nangi""indian mother son sex stories""office sex stories""adult hindi stories""hot sex stories""oriya sex story"