बेटी की बुर ने सेक्स का दुःख दूर किया

(Beti Ki Bur Ne Sex Ka Dukh Dur Kiya)

मेरा नाम निजाम अली खान है और मेरी आयु 53 साल है। मैं पेशे से रिटायर्ड टीचर हूं और दिल्ली में रहता हूं। मेरा कद 5 फीट 6 इंच और रंग गेहूंआ है। मेरा जिस्म पतला और चेहरा क्लीन शेव है। मैं दिखने में कुछ खास नहीं हूं लेकिन पैसा काफ़ी है। मेरी आंखों का रंग काला है और बाल सफेद हैं। अपने बालों की सफेदी छिपाने केलिए डाई लगाता हूं। मेरे घर में मैं और मेरी बेटी हैं। मेरी पत्नी और मेरे बेटे का 12 साल पहले दुर्घटना में देहांत हो गया था और मैंने दोबारा शादी नहीं की। बेटी की बुर ने सेक्स का दुःख दूर किया.

मेरी बेटी का नाम का नाम खुशबू खान है। उसकी आयु 23 साल और रंग गोरा है। वो दिखने में एकदम मस्त माल है और बहुत नमकीन है। उसका कद 5 फीट 4 इंच है। वो मुझे पापा बुलाती है और वो बिल्कुल अपनी अम्मी पर गई है। उसकी आंखों और बालों का रंग भूरा है और होंठ लाल एवं रसीले हैं। उसका बदन भरा हुआ और सेक्सी है। उसके बूब्ज़ और चूतड़ काफ़ी बड़े-बड़े और उभरे हुए हैं। अगर कोई उसको देखता है तो उसके नाम की मुठ जरूर मारेगा और उसको चोदने केलिए तड़पेगा। जब उसकी अम्मी का देहांत हुआ वो काफ़ी छोटी थी और मैंने ही उसको पाला-पोसा है।                       “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने कपड़े पहनने के मामले में कोई पाबंदी नहीं लगाई। वो ज्यादातर जींस टॉप या जींस शर्ट पहनती है और एमए दूसरे साल की छात्रा है। जींस के साथ जब हाई हील के सैंडिल पहनती है तो एक दम सेक्सी माल लगती है। उसकी मोटी गांड, बड़े-बड़े गोल बूब्ज़ और भरी हुई जांघों को देखकर मुंह से लार टपकने लगती है। उसकी फिगर का साईज 36-30-36 है और बूब्ज़ के निप्पलों का रंग हल्का गुलाबी है। उसकी गांड और बूब्ज़ काफ़ी भारी हैं और चलते हुए तो उसकी गांड कहर ढाती है। छोटी उम्र में ही उसके बूब्ज़ और गांड काफ़ी बड़ी है।

ये बात दो साल पहले की है। मेरा एक दोस्त मुझे घर मिलने आया और हम रूम में बातें करने लगे। बातों-बातों में मेरी बीवी जुनैदा की बात होने लगी। उसने मुझे पूछा कि शादी क्यों नहीं की तो मैंने कहा खुशबू की वजह से नहीं की। क्योंकि क्या मालूम दूसरी बीवी कैसी होगी और उसके साथ कैसा सलूक करेगी। उसने मुझे पूछा सेक्स की भूख का क्या करते हो। यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है..

मैंने कहा दिल तो बहुत करता है और सारी रात जागता रहता हूं। दिल में बहुत दर्द होता है लेकिन खुशबू के सामने जाहिर नहीं होने देता। अंदर से बहुत दुखी हूं लेकिन खुशबू के सामने खुश रहता हूं। उसने मुझे किसी रंडी के पास जाने को बोला लेकिन मैंने कहा कोई बीमारी लग सकती है या अगर किसी को मालूम हुआ तो खुशबू को बहुत दुख होगा। मुझे मालूम नहीं था कि खुशबू चुपके से सुन रही है।

रात को खाना खाकर मैं अपने रूम में बैठा किताब पढ़ रहा था और खुशबू मेरे रूम में दूध लेकर आ गई। उसने अपनी अम्मी की लाल साड़ी पहनी हुई थी जो मुझे बहुत पसंद थी। वो हमारी शादी की पहली सालगिरह पहन कर मेरे सामने आई थी। वो साड़ी बहुत झीनी है और उसके पल्ले से पेट साफ दिखाई देता है। उसका ब्लाउज़ पीछे से खुला है और आगे से गला बहुत गहरा है।                   “बेटी की बुर ने सेक्स”

ब्लाउज़ के पीछे सिर्फ इलास्टिक की दो वारीक पट्टियां हैं औल आगे से बूब्ज़ की गोलाइयां दिखाई देती हैं। खुशबू को उस साड़ी में देख कर एक बार तो मुझे लगा कि मेरे सामने मेरी बीवी खड़ी है। उस दिन मैंने अपनी बेटी के बदन को गौर से देखा। वो बिल्कुल अपनी अम्मी पर गई है। उसके बूब्ज़ मेरी बीवी जितने बड़े हैं लेकिन गांड उससे बड़ी है। मैं सोच रहा था काश जुनैदा होती तो उसको चोद देता। खुशबू मेरे सामने खड़ी थी लेकिन अब मुझे वो अपनी बेटी नहीं बल्कि बीवी लग रही थी।

खुशबू मेरे बैॅड पर मेरे पास बैठ गई और कहा क्या सोच रहे हो पापा। मैंने कहा कुछ नहीं, बस ऐसे ही कुछ याद आ गया था। खुशबू ने कहा मुझे मालूम है पापा आपको अम्मी की याद आ रहई है और मैंने हां में सिर हिलाया। मैं चुप करके दूध पीने लगा और जुनैदा के बारे सोचने लगा। खुशबू ने मुझे थैंक्यू कहा और मैंने कहा किस बात केलिए। खुशबू ने कहा आप ने मेरे लिए बहुत कुर्बानी दी है और आप इतना दर्द दिल में छुपा कर मेरे सामने खुश रहते हो।

मैंने कहा ऐसा कोई दर्द नहीं बेटा मैं खुश हूं। खुशबू ने कहा मैंने आपकी और अंकल की सब बातें सुन ली थीं। मैं कुछ बोल नहीं पाया और वो सरक कर मेरे पास आते हुए बोली, पापा जो सुख से आप मेरी वजह से दूर रहे, अब मेरा फर्ज बनता है आपको वो दूं। मैंने कहा ऐसा कौन सा सुख बेटा। खुशबू ने कहा औरत का सुख पापा और आप उस सुख केलिए बहुत तड़पे हो।                         “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने खुशबू से कहा तुम मेरी बेटी हो यह गलत है। खुशबू ने कहा मैं जानती हूं ये गलत है लेकिन मैं आपको तड़पता हुआ नहीं देख सकती। पहले मुझे मालूम नहीं था अगर मालूम होता तो आपको दुखी नहीं होने देती। उसने साड़ी का पल्ले को नीचे गिरा दिया और मेरा एक हाथ अपने बूब्ज़ पर रख लिया। मैं हाथ खींचना चाहता था लेकिन बहुत सालों बाद किसी लड़की के कोमल बूब्ज़ का स्पर्श पाकर सब कुछ भूल गया। मैं धीरे-धीरे बूब्ज़ दबाने लगा और मेरा लंड खड़ा हो गया। तभी मुझे होश आया कि सामने मेरी बेटी है तो मैंने हाथ खींच लिया और उसको डांट कर जाने को बोल दिया। जाते-जाते खुशबू ने कहा मेरे रूम का दरवाजा खुला है अगर दिल करे तो आ जाना।

मैंने अपने रूम का दरवाजा बंद किया और बैॅड पर लेट गया। मुझे नींद नहीं आ रही थी, बार बार खुशबू के कोमल बूब्ज़ का स्पर्श याद आ रहा था। आधी रात तक मैं करवटें बदलते सोने की कोशिश करता रहा लेकिन सब फजूल रहा। मैं उठ कर खुशबू के रूम में आ गया। खुशबू वही साड़ी पहने लाईट जला कर सो रही थी। साड़ी का पल्ला साईड पर गिरा हुआ था और वो बाईं तरफ करवट लेकर लेटी हुई थी। उसके आधे बूब्ज़ दिख रहे थे और नंगा पेट दुधिया लाईट में चमक रहा था। उसके बदन का नजारा देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं उसके पीछे चिपक कर लेट गया।                                “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने अपना हाथ उसके चिकने पेट पर रखा और मेरा लंड साड़ी के ऊपर से उसकी मोटी गांड पर लग गया। मैंने सोचा कि मैं ऐसे ही मजा लेकर चला जाऊंगा और खुशबू को उठने नहीं दूंगा। लेकिन वो पहले ही जाग रही थी। मेरे हाथ का स्पर्श पाते ही वो बोली मुझे मालूम था पापा कि आप आओगे। मैंने कहा मुझ से रना नहीं गया बेटा, बहुत सालों बाद किसी लड़की के बदन को हाथ लगाया है।

खुशबू ने कहा आप जो चाहे कर सकते हो पापा। मैंने कहा तुम नंगी होकर मुझे मजा दिया करो। हम एक-दूसरे के बदनों से खेल कर अपनी आग शांत करेंगे। सम लोग एक-दूसरे के बदन को चूमकर गर्म करेंगे। मैं तुम्हारी चूत चाटकर और तुम मेरा लंड चूसकर पानी निकाल दिया करेंगे लेकिन चुदाई नहीं करेंगे। खुशबू नए चेहरे पर शरारत भरी स्माईल लाते हुए कहा ठीक है पापा।                         “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने खड़ा होकर अपने कपड़े निकाल दिए और फिर बैॅड पर लेट गया। खुशबू ने खड़ी होकर अपने कपड़े निकाल दिए और खड़ी हो गई। मैं उसका संगमरमरी बदन देखकर पागल होने लगा। उसके बूब्ज़ ऐसे लग रहे थे जैसे आईसक्रीम के दो कपों के ऊपर हल्के गुलाबी रंग की गोल गोल टॉफियां लगी हों। उसका चेहरा जन्नत की हूर जैसा लग रहा था। मुझे लग रहा था कि मुझ से खुश होकर अल्लाह ने मेरे लिए जन्नत की हूर भेज दी हो। मैं खुशबू का कामुक बदन देखकर होश भूलने लगा। उसका बदन देखकर लग रहा था जैसे खुदा ने उसे बहुत फुर्सत में बनाया होगा। उसका एक एक अंग ऐसे तराशा हुआ था जैसे सेक्स की मूर्ति हो। उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ और चूतड़ देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया।

खुशबू बिल्कुल नंगी होकर मेरे साथ लेट गई और अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए। उसके होंठ मक्खन जैसे मुलायम और अंगूर जैसे रसीले थे। उसके नर्म और रसीले होंठों का स्पर्श पाकर ही मेरा लंड तन गया। खुशबू ने मेरा नीचे वाला होंठ अपने होंठों में लेकर चूसने लगी और मैं मदहोश होने लगा।

मैंने खुशबू का सिर जोर से पकड़ लिया और जोर जोर से होंठ चूसने लगा। वो भी जोर से चूस कर मेरा साथ देने लगी। हम एक-दूसरे के मुंह में जीभ डालकर जीभ चूसने लगे और होंठों को काटने लगे। खुशबू बहुत गर्मजोशी से मेरा साथ देने लगी। मेरे होंठों को चूसते चूसते वो मेरा लंड हिलाने लगी। बहुत सालों बाद मेरे लंड को किसी लड़की का स्पर्श नसीब हुआ था और मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूं।                “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने ये बात खुशबू को बोली तो उसने मुझे जल्दी से खड़ा कर दिया और लपक कर मेरे लंड को हाथ में ले लिया। खुशबू मेरा लंड को तेज़ी से हिलाने लगी और बार बार मेरे लंड के टोपे को चूमती। मैंने जल्दी से अपना लंड खुशबू के मुंह में दे दिया और उसके मुंह में धक्के मारने लगा। वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे बहुत बड़ी रंडी हो। मेरा लंड खुशबू के मुंह की गर्मी ज्यादा देर नहीं झेल पाया और उसके मुंह में वीर्य उगल दिया। मैं बैॅड पर बैठ गया और खुशबू बाथरूम में मुंह साफ करने चली गई।

मैं बैॅड पर बैठा अपने मुरझाए लंड को देखने लगा और खुशबू के बारे में सोचने लगा। जिस तरीके से वो मेरा लंड चूस रही थी उससे लग रहा था खुशबू बहुत बार चुदाई कर चुकी है। तभी खुशबू नंगी मेरे पास बैठ गई और मेरी पीठ सहलाने लगी। मैंने खुशबू से कहा बेटी जो मैं तुमसे पूछने जा रहा हूं उसका सच्च सच्च जवाब देना और मैंने अपनी कसम भी दी।                            “बेटी की बुर ने सेक्स”

खुशबू ने कहा मुझे आपकी और अल्लाह की कसम है मैं झूठ नहीं बोलूंगी। मैंने कहा ये बात ऐसी है कि कोई बाप अपनी बेटी से नहीं पूछता। खुशबू के चेहरे पर एक मुस्कान सी आ गई और बोली बाप बेटी का रिश्ता तो उसी वक्त खत्म हो गया था जब हम दोनों एक-दूसरे के सामने नंगे हुए थे। अब आप मेरे मालिक हो और मैं आपकी रखैल। आप जो पूछना चाहते हो बेझिझक पूछो और मैं बेझिझक जवाब दूंगी।

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मैंने खुशबू से पूछा कि क्या तुमने पहले कभी सेक्स किया है तो उसने हां बोल दिया। मैंने उससे पूछा किस के साथ किया है। उसने कहा आप गुस्सा हो जाओगे तो मैंने अल्लाह की कसम खा कर कहा गुस्सा नहीं करूंगा। मुझे लगा खुशबू का किसी लड़के के साथ चक्कर होगा, उसके साथ करती होगी लेकिन उसका जवाब सुन कर मैं हैरान हो गया और सोचने लगा कि एक ऐसी लड़की जिसकी शराफ़त की कसम पूरा मुहल्ला खाता है वो इतनी चुद्दकड़ है। यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है..

जिस लड़की की मिसाल मुहल्ले वाले अपनी बेटियों को देते हैं वो इतने मर्दों से चुद चुकी है। उसने बोला पापा मैंने दो प्रोफेसर, कॉलेज के प्रिंसिपल व उसके तीन दोस्त, उसकी कॉलेज की बस के ड्राइवर व कंडक्टर, चार लड़कों और कॉलेज के पास के दो किताबों के दुकानदारों से सेक्स किया है। मुझे एक बार बहुत गुस्सा आया लेकिन मैंने खुद पर काबू किया। मैंने उससे पूछा कि उसने इतने मर्दों से संबंध क्यों बनाया।                                                  “बेटी की बुर ने सेक्स”

उसने कहा कि पहली बार उसने परीक्षा में ज्यादा नंबर लेने केलिए अपने एक प्रोफेसर से सेक्स किया था। उस प्रोफेसर ने उसको कई बार चोदा और एक दिन उसने अपने साथी प्रोफेसर से उसको चुदवा दिया। थोडे़ दिन बाद ये बात प्रिंसिपल को मालूम हो गई और उसने खुशबू को कॉलेज से न निकालने के इवज में चोदा।

उसके बाद वो उन तीनों की रखैल बन गई और उसे अलग अलग लंड लेने का चस्का लग गया। जब भी कोई अच्छा मर्द उसको दिखाई देता है तो वो फिसल जाती है। उसकी आग तब तक शांत नहीं होती जब तक वो उस मर्द से चुदाई नहीं करती। मैं उसकी बातें सुनता हुआ उसका चेहरा देख रहा था। अब मुझे खुशबू में अपनी बेटी नहीं एक गर्म रंडी दिख रही थी जो मेरा बिस्तर गर्म करने वाली थी।

मैं खुशबू के बारे सोचने लगा और मुझे अब समझ आई कि खुशबू का प्रिंसिपल उसकी इतनी तारीफ क्यों करता है। मुझे लगा था मेरी बेटी बहुत लायक है तभी इतनी तारीफ होती है लेकिन अब मालूम हुआ कि उसका प्रिंसिपल खुशबू के की चूत का दीवाना है तभी तारीफ करता है। मैं सोचते-सोचते पिछली बातों में खो गया।                                            “बेटी की बुर ने सेक्स”

जब खुशबू ने मेरे मुरझाए लंड को पकड़ कर मेरी गाल को चूमते हुए बोला क्या हुआ पापा तब मेरी सोच की लडी़ टूटी। मैंने कहा कुछ नहीं बेटा सोच रहा था मेरे बेटी कितनी चालू है। इससे पहले मैं कुछ और बोलता, खुशबू ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और मेरा लंड अपने हाथ से हिलाने लगी। मैं अपने होंठों पर खुशबू के नर्म व रसीले होंठों का और अपने लंड पर खुशबू के कोमल हाथ का स्पर्श पाकर मदहोश होने लगा।

खुशबू मेरे होंठों को बहुत प्यार से चूमते हुए मेरे लंड को हिलाने लगी। मैंने अपने हाथों से खुशबू के बूब्ज़ पकड़ लिए और उसके होंठों को चूमते हुए खुशबू के बड़े-बड़े, गोल, तने हुए और मुलायम बूब्ज़ दबाने लगा। उसकी बदन की गर्मी से मेरा लंड फिर से खड़ा होकर चुदाई केलिए तैयार हो गया। मैंने खुशबू का सिर अपनी गोद में रख लिया और हम एक-दूसरे के होंठों को चूमने लगे। हम दोनों काफी गर्म हो गए और एक-दूसरे के होंठों के मुंह में खींच खींच कर चूसने लगे।

तभी खुशबू ने अपनी जीभ मेरे मुंह में धकेल दी और मेरी जीभ को चाटने लगी। मैं एक हाथ से खुशबू के बूब्ज़ दबाते हुए उसकी जीभ को चूसने लगा। हम दोनों एक-दूसरे के मुंह में जीभ डालकर घुमाने लगे और एक-दूसरे की जीभ का रस चूसने लगे। हम एक-दूसरे के होंठ चूम कर, दांतों से होंठों को काटकर और जीभ को एक-दूसरे के मुंह में डालकर रसपान करने लगे। हम पर इतनी मस्ती छा गई थी कि सब कुछ भूल कर चूमा चाटी कर रहे थे।                                    “बेटी की बुर ने सेक्स”

खुशबू ने मेरी गोद में सिर घुमा लिया और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। उसके नर्म रसीले होंठों का स्पर्श पाकर और उसके मुंह कई गर्मी महसूस करके मेरा लंड और भी फड़फड़ाने लगा। मैं खुशबू के बूब्ज़ मसलते हुए लंड चुसाई का मजा लेने लगा। मेरी बीवी की मौत के बाद आज मेरा लंड पहली बार किसी लड़की के छेद का मजा ले रहा था वो भी मेरी अपनी चुद्दकड़ बेटी के छेद का। इतने सालों बाद किसी लड़की के मुंह में लंड डालने से मुझे बहुत सकून मिल रहा था। मैंने खुशबू को बैॅड पर लेटा दिया और उसके नाजुक, मुलायम और चिकने पेट को चूमने और चाटने लगा। वो नीचे लेटी हुई मचल रही थी। जब मैं उसकी नाभि में जीभ डालकर चाटने लगता तो खुशबू मस्ती में मचलती हुई मेरे बाल नोचने लगती।

अब मैं उसके बूब्ज़ चूसने और दबाने लगा। उसके बूब्ज़ मुझे बहुत सेक्सी लग रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत की हूर का मजा ले रहा हूं। मैं अल्लाह का शुक्रिया कर रहा था जिसने मुझे ऐसी खूबसूरत, सेक्सी और गर्म बेटी दी और अपनी किस्मत पर नाज हो रहा था कि मैं अपनी जवान बेटी के नंगे बदन का मजा लूट रहा हूं। मैं खुशबू के बूब्ज़ को जोर जोर से चूसने लगा और खुशबू मेरे सिर को अपने बूब्ज़ पर दबाने लगी। मैंने खुशबू के निप्पलों को चूसते हुए अपनी एक उंगली खुशबू की चूत में घुसा दी।                      “बेटी की बुर ने सेक्स”

खुशबू मस्ती से चहक उठी और वो मेरे सिर को अपने बूब्ज़ पर दबाते हुए अपनी गांड उठा उठाकर उंगली चूत में लेने लगी। मैं खुशबू की चूत में उंगली हिलाते हुए उसके बूब्ज़ व निप्पलों को दांतों से काटने लगा। मेरे चूसने और काटने से खुशबू के बूब्ज़ पर लाल निशान बन गए लेकिन उसको बहुत मजा आ रहा था।

मैं खुशबू के ऊपर 69 अवस्था में लेट गया। मेरा मुंह खुशबू की चूत के ऊपर था और मेरा लंड खुशबू के होंठों पर टकरा रहा था। मैंने खुशबू की भरी हुई जाघों को खोलकर उसकी चूत फर मुंह रख दिया। खुशबू मेरे लंड के टोपे पर जीभ घुमाने लगी और बहुत सेक्सी तरीके से चाटने लगी। मुझ से कंट्रोल नहीं हो रहा था और मैंने लंड नीचे दबा दिया। मेरा लंड खुशबू के होंठों से टकराता हुआ उसके मुंह में घुस गया। मैं अपनी जीभ खुशबू की चूत में घुसा कर चाटने लगा और खुशबू अपना सिर ऊपर-नीचे कर के मेरे लंड को चूसने लगी।

खुशबू अपनी गांड चलाने लगी और अपनी चूत मेरे मुंह पर रगड़ने लगी। मैं अपनी गांड ऊपर-नीचे करके खुशबू का मुंह चोदने लगा। जब मैं लंड नीचे दबाता तो मेरा लंड खुशबू के मुंह से होता हुआ उसके गले में उतर जाता। वो बहुत आसानी से लंड को गले में उतार लेती। मैं सपड़ सपड़ उसकी चूत चाट रहा था और खुशबू के मुंह में लंड अंदर-बाहर होने से गप्प गप्प की आवाज़ आ रही थी। हम दोनों सातवें आसमान पर थे।                                          “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने खुशबू को बैॅड पर सीधा लेटे रहने दिया और उसकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया। मैंने खुशबू की टांगें उठाकर अपने कंधों पर रख लीं और अपना लंड उसकी चूत पर लगा दिया। मैं अपना लंड खुशबू की चूत पर रगड़ने लगा और वो मचलने लगी। उसकी चूत पर कुछ देर लंड रगड़ने के बाद खुशबू की चूत गीली हो गई और वो लंड अंदर डालने को कहने लगी। मैंने अपने लंड को खुशबू की चूत के छेद पर रखकर दबा दिया।  यह कहानी आप decodr.ru पर पढ़ रहे है..

मेरे झटके से आधे से ज्यादा लंड खुशबू की चूत में चला गया और दूसरे झटके से मेरा लंड फिसलता हुआ जड़ तक अंदर बैठ गया। जैसे ही मेरा लंड खुशबू कई चूत की गहराई में उतरा उसके मुंह से कामुक आहह निकली और मेरे लंड में एक मिठास सी भर गई। मुझे बहुत सालों बाद चूत नसीब हुई थी और मुझ पर अजीब सा नशा छा रहा था। मैंने अपनी बीवी को बहुत चोदा था लेकिन उसकी चूत में लंड डालने का कभी इतना मजा नहीं आया था जितना खुशबू की चूत में डालकर आ रहा था।                                  “बेटी की बुर ने सेक्स”

उसकी चूत एकदम टाईट थी लग नहीं रहा था कि वो इतनी चुदी हुई है। मैंने अपना लंड बाहर खींचा और फिर से अंदर डाल दिया। इस बार उसके मुंह से सेक्सी आवाज़ निकली। मैं जोर जोर से खुशबू की चूत चोदने लगा और उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरे झटकों के साथ हिलने लगे। खुशबू अपने हिलते हुए बूब्ज़ को पकड़ कर दबाने लगी और उसका चेहरा चुदाई के नशे से चहक रहा था। मेरे लंड के अंदर-बाहर होने से खुशबू की चूत बिल्कुल गीली हो गई और फच्च फच्च की आवाज़ें आने लगीं। हम दोनों अपने रिश्ते से बेखबर हो कर चुदाई का आनंद ले रहे थे।

मैंने खुशबू को उल्टा लेटा कर उसकी पेट के नीचे तकिया लगा दिया, जिससे उसकी चूत ऊपर उभर आई। मैंने खुशबू की टांगें खोलकर उसकी चूत पर लंड लगा दिया और उसके कंधों को कस को पकड़ लिया। मैंने झटका मारकर अपना लंड खुशबू की चूत में घुसा दिया और चूत चोदने लगा। चूत में लंड का अंदर-बाहर होना और खुशबू के नर्म चूतडो़ं का स्पर्श मुझे अजीब सी मदहोशी दे रहा था। मैं दनादन झटके मारकर अपनी सगी बेटी को मस्ती से चोदने लगा और खुशबू भी बड़ी गर्मजोशी से अपने सगे बाप का लंड ले रही थी। मेरे हर झटके से खुशबू के मुंह से कामुक आहें निकलती और मेरा जोश और भी बढ़ जाता। जब खुशबू मस्ती में चिल्लाती तो मैं जोश में आकर और भी तेज़ी से उसकी चूत चोदता।                                                “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैं खुशबू को चोदते हुए हांफने लगा तो खुशबू ने मुझे नीचे लेटा दिया। वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी छाती को जीभ से चाटते हुए मेरे निप्पलों को मुंह में भर कर चूसने लगी। उसने अपनी चूत मेरे लंड पर टिका दी और दोनों हाथ मेरी छाती पर रख दिए। खुशबू ने मेरे दोनों हाथ अपने बूब्ज़ पर रखकर अपनी गांड नीचे धकेल दी और मेरा लंड फिर से खुशबू की चूत की गहराई की सैर करने लगा। खुशबू उछल उछल कर मेरा लंड अपनी चूत के अंदर-बाहर करने लगी और मैं उसके बूब्ज़ मसलने लगा।

खुशबू बहुत तेज़ी से उछलने लगी और चूत चुदाई का मजा लेने एवं देने लगी। मैं अपने रंग में आ गया और नीचे से खुशबू की चूत चोदने लगा। हम दोनों के झटकों से चुदाई की रफ्तार बहुत तेज हो गई। चुदाई की फच्च फच्च की आवाज़ों और हमारी उत्तेजित आवाज़ों से पूरा माहौल चुदाई के रंगों से रंगीन हो गया। खुशबू चूत से लंड निकाले बगैर घूम गई और मेरे पैरों की तरफ अपना मुंह कर लिया। वो मेरी टांगों को पकड़ कर अपनी गांड उछालने लग गई और मैं नीचे से उसकी चूत चोदते हुए खुशबू के चूतडो़ं को थपथपाकर चूतडो़ं की नर्मी का अहसास लेने लगा।

मैंने खुशबू को बैॅड से नीचे उतारा और बैॅड के सहारे झुका कर खड़ी कर दिया। मैंने पीछे से उसकी कमर को पकड़ कर अपना लंड उसकी चूत पर टिका दिया। इससे पहले मैं अपना लंड खुशबू की चूत में डालता, खुशबू ने बहुत तेज़ी से अपनी गांड को पीछे धकेल दिया और मेरा लंड फचाक की आवाज़ से चूत में उतर गया। मैं खुशबू की चूत पीछे से चोदने लगा और खुशबू अपनी गांड को आगे पीछे कर के लंड अपनी चूत के अंदर-बाहर करने लगी।                                       “बेटी की बुर ने सेक्स”

मैंने खुशबू के रेशमी बाल पकड़ लिए और बहुत तेज़ी से उसकी चूत चोदने लगा। कुछ देर बाद खुशबू का बदन अकड़ने लगा और वो ठंडी आंहें भरती हुई झड़ गई। मैं भी चर्म पर पहुंच चुका था और अपना लंड खुशबू की चूत से निकाल लिया। मैंने अपना वीर्य खुशबू की गांड पर गिरा दिया जो नीचे जाता हुआ खुशबू की जांघों पर फैल गया। मैंने टॉवेल से खुशबू के बदन से वीर्य साफ किया और हम नंगे ही लेट गए।

मुझे आज पहली बार चुदाई का असली सुख मिला क्योंकि मेरी बीवी ने कभी मेरा लंड नहीं चूसा था और न ही कभी अपनी चूत चाटने दी थी। वो सिर्फ नीचे लेट कर ही चुदाई करवाती थी और कोई अवस्था पसंद नहीं थी। इसके बाद मैं और खुशबू रोज चुदाई करते हैं और मैंने उसकी चूत के साथ साथ उसकी गांड का सुख भी लेता हूं। खुशबू भी बहुत उत्तेजित होकर मुझ से चूत और गांड चुदाई करवाती है।              “बेटी की बुर ने सेक्स”



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